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INDIA Alliance: इंडिया की बैठक में सत्यपाल मलिक के एक सीट-एक पार्टी फार्मूले पर सहमत होंगे विपक्षी क्षत्रप?
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इंडिया गठबंधन को सत्यपाल मलिक ने सलाह दी है
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सोशल मीडिया
विस्तार
मुंबई में हो रही विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' की बैठक में '2024' के लोकसभा चुनाव में 'एनडीए' को टक्कर कैसे दें, इस बाबत माथापच्ची हो रही है। विपक्षी दलों के बीच ‘सीट शेयरिंग’ का फार्मूला भले ही 'इंडिया' की आगामी बैठक में तय हो, मगर जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा सुझाए गए अचूक 'फार्मूले' को किस तरह से आगे बढ़ाया जाए, उस पर चर्चा हो रही है। सत्यपाल मलिक ने विपक्षी गठबंधन को 'एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार' का सुझाव दिया था। यानी एक सीट पर एनडीए के प्रत्याशी के सामने 'इंडिया' की तरफ से भी एक ही उम्मीदवार हो। मलिक ने कहा था कि अगर ऐसा संभव हो गया तो ये लोग (भाजपा) दिल्ली में बचेंगे नहीं। हालांकि शुरुआती दौर में 'इंडिया' के लिए ये बात संभव नहीं दिखती, लेकिन आने वाले समय में यही फार्मूला विपक्षी दलों के गठबंधन को स्वीकार करने की मजबूरी बन जाएगा।'विपक्षी चाणक्य' की भूमिका में मलिक
बता दें कि अपने बयानों से केंद्र सरकार के लिए नित्य नई मुसीबत खड़ी करने वाले सत्यपाल मलिक ने विपक्षी दलों को कई अहम सुझाव दिए हैं। जिस तरह से वे केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं, उससे सत्यपाल मलिक भाजपा के खिलाफ 'विपक्षी चाणक्य' की भूमिका में नजर आ रहे हैं। मलिक ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए विपक्षी दलों को एक मंत्र भी दे दिया है। पूर्व राज्यपाल ने कहा, मैंने दिल्ली में सभी राजनीतिक दलों से बात की है। वे इस बात पर राजी हैं कि एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार खड़ा करेंगे। अगर ऐसा संभव हो गया तो ही भाजपा और मोदी को हराने में कामयाबी मिल सकेगी। अगर एक समान मकसद के लिए सभी दल एकत्रित हो जाते हैं तो दिल्ली में भाजपा को कोई बचा नहीं सकता।
तो भाजपा वाले दिल्ली में नहीं लौट पाएंगे
मलिक ने कहा था, मैंने दिल्ली में सभी पार्टियों से बात की है। सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 'एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार खड़ा हो' की रणनीति पर काम करेंगे। ऐसा संभव हो जाता है तो वोट नहीं बटेंगे। उसके बाद भाजपा वाले दिल्ली में नहीं लौट पाएंगे। तब इनका नाम लेने वाला कोई नहीं होगा। आज जिस घमंड को लेकर ये लोग घूम रहे हैं, वह चूर-चूर हो जाएगा। सत्यपाल मलिक ने कुछ माह पहले राजस्थान के सीकर में आयोजित एक जनसभा में लोगों से कहा था, एक बात यह भी समझ लो कि इस बार यानी 2024 के आम चुनाव में, ये लोग बच गए तो उसके बाद आप नहीं बचेंगे। आपके पास यह आखिरी मौका है। उन्होंने यह बात इसलिए कही, क्योंकि अगले साल होने वाले आम चुनाव को लेकर भाजपा उत्साहित है।
2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता
भाजपा के 44वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था, हमें अति आत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है। लोग अभी से कह रहे हैं कि 2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता। पूर्व राज्यपाल मलिक अब हर मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। उन्होंने पुलवामा के अलावा कई दूसरे मुद्दों पर भी भाजपा को घेरा है। वह चाहे जंतर मंतर पर बैठे पहलवान हों या अदाणी का मुद्दा हो, इन्हें लेकर मलिक खासे मुखर रहे हैं। किसानों को लेकर, राज्यपाल रहते हुए भी मलिक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया था। मलिक ने कहा था, राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री पद के 'सीरियस उम्मीदवार' हैं। अगर उनके भाग्य में है, तो वह प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे।
इस फार्मूले में विपक्ष के वोट नहीं होंगे विभाजित
राजनीतिक विशेषज्ञ रशीद किदवई कहते हैं, सत्यपाल मलिक ने बिल्कुल सही सुझाव दिया है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों के लिए 'एक सीट एक उम्मीदवार' का फार्मूला बहुत कारगर साबित हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो एनडीए को कड़ी टक्कर दी जा सकती है। वजह, 'एक सीट एक उम्मीदवार' के फार्मूले में विपक्ष के वोट नहीं विभाजित होंगे। हालांकि अभी तक 'इंडिया' की बैठकों के जो नतीजे सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर लगता है कि 'एक सीट एक उम्मीदवार' के फार्मूले पर कहीं न कहीं सहमति बन जाएगी। भले ही कई दलों को यह फार्मूला घाटे का सौदा लगे, लेकिन उनके संयुक्त लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह जरुरी है। विपक्षी दलों की तरफ से इस फार्मूले पर काम शुरु हो गया होगा।