Sharad Pawar: राकांपा प्रमुख बोले- सुनिश्चित करूंगा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ लड़े महा विकास अघाड़ी
शरद पवार ने कहा, मेरा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि एमवीए के घटक एक साथ रहें, संयुक्त निर्णय लें और राज्य विधानसभा व लोकसभा चुनावों का एक साथ सामना करें।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को पुणे के कस्बा पेठ विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक रवींद्र धनगेकर से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक दल आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ें।
मिलकर चुनाव लड़ने के फॉर्मूले पर पवार ने कही ये बात
उन्होंने कहा कि भाजपा के गढ़ कस्बा पेठ में हुए उपचुनाव में धनगेकर को आम लोगों ने चुना है, क्योंकि वह पिछले कई वर्षों से उनके लिए काम कर रहे हैं। उनसे जब सवाल किया कि क्या आगामी निकाय चुनावों में एमवीए द्वारा संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का फॉर्मूला दोहराया जाएगा, इस पर पवार ने कहा कि राकांपा में उनके सहयोगी इस पहलू पर गौर कर रहे हैं।
'लोग चाहते हैं एक साथ आ जाएं विपक्षी दल'
उन्होंने आगे कहा, मेरा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि एमवीए के घटक एक साथ रहें, संयुक्त निर्णय लें और राज्य विधानसभा व लोकसभा चुनावों का एक साथ सामना करें। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, मैं राज्य में घूम रहा हूं और लोग मुझसे कह रहे है कि वे बदलाव चाहते हैं। वे चाहते हैं कि हम (विपक्ष) एक साथ आ जाएं। ये लोगों की भावनाएं हैं।
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कस्बा पेठ उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार ने दर्ज की जीत
2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद एमवीए का गठन किया गया था। इसमें शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), एनसीपी और कांग्रेस शामिल हैं। हाल ही में कस्बा पेठ उपचुनाव में काग्रेस-एमवीए उम्मीदवार रवींद्र धनगेकर ने भाजपा के हेमंत रसने को 10,800 वोट से हराया। पवार ने कहा कि शुरूआत में कस्बा पेठ में जीत दूर लग रही थी, क्योंकि इन निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा सांसद गिरीश बापट की पकड़ थी।
पार्टी कैडर के भीतर मजबूत हैं बापट के संबंध
उन्होंने कहा, बापट की खासियत यह है कि पार्टी कैडर के भीतर उनके मजबूत संबंध हैं और गैर-भाजपा समूहों के साथ भी उनके सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इसलिए हमने आकलन किया कि कस्बा पेठ हमारे लिए मुश्किल होगा, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्र में बापट का फोकस अच्छा था। अंत में हमें एहसास हुआ कि भाजपा उम्मीदवार पर फैसला करते समय उनके सुझावों पर विचार किया गया है या नहीं, इस बारे में सुगबुगाहट थी।
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