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श्रीनगर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से क्यों रोका गया : शिवसेना
Thu, 29 Oct 2020 06:39 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 29 Oct 2020 06:39 AM IST
सार
पार्टी ने मुखपत्र सामना में कहा, यह दिखाता है कि कश्मीर में हालात सामान्य नहीं
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Shivsena
- फोटो : Shivsena
विस्तार
शिवसेना ने श्रीनगर के लाल चौक में युवाओं को तिरंगा फहराने से रोके जाने पर सवाल उठाया है। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म होने के बाद भी पुलिस ने युवाओं को तिरंगा फहराने से क्यों रोका? यह राष्ट्रद्रोह के समान है। अभिनेत्री कंगना रणौत का नाम लिए बिना कहा गया, नकली मर्दानी जिसने मुंबई को पीओके कहा था, उसे केंद्र ने सुरक्षा दी, लेकिन जो युवक तिरंगा फहरा रहे थे, पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। देश जानना चाहता है कि वे लाल चौक पर तिरंगा क्यों नहीं फहरा सकते? इसका मतलब है कि कश्मीर में हालात नहीं सुधरे हैं।
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संपादकीय में कहा गया, मुंबई में तिरंगा फहराया जाता है, इसका मतलब यह पाकिस्तान नहीं है। तिरंगे का अपमान वहां होता है, जहां पर पाकिस्तान का हस्तक्षेप है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद-370 को बहाल करने के लिए चीन की मदद लेने की बात कही थी। वहीं, महबूबा मुफ्ती ने तिरंगा नहीं उठाने की बात कही। यह देशद्रोह है। शिवसेना ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त किए जाने के करीब एक साल बाद भी कश्मीर में एक रुपये का निवेश नहीं आया और बेरोजगार युवक एक बार फिर हथियार उठा रहे हैं और स्थानीय नेता उन्हें भ्रमित कर रहे हैं।
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देश में लागू हो समान नागरिक संहिता: राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि हमारी पार्टी कह चुकी है कि देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। अगर केंद्र सरकार ऐसा कोई प्रस्ताव लाती है तो उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। साथ ही राउत ने कहा कि केंद्र सरकार को पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। अगर महबूबा व फारूक चीन की मदद से अनुच्छेद 370 फिर से लागू करने की बात करते हैं तो केंद्र सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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