{"_id":"60893528c1a8fc07c346a607","slug":"why-kerala-state-is-not-facing-any-problem-with-oxygen-shortage-here-you-know-why","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवाल: कोरोना के संकटकाल में केरल में ऑक्सीजन की कमी क्यों नहीं, यहां जानिए इसकी वजह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सवाल: कोरोना के संकटकाल में केरल में ऑक्सीजन की कमी क्यों नहीं, यहां जानिए इसकी वजह
Wed, 28 Apr 2021 03:42 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 28 Apr 2021 03:42 PM IST
सार
देश में फैली महामारी के बीच केरल एक मात्र ऐसा राज्य हैं, जहां कोरोना संक्रमण के मामले तो काफी ज्यादा हैं लेकिन वहां के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। केरल ने इसके लिए बहुत पहले से तैयारी की हुई थी।
विज्ञापन
oxygen
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में महामारी का प्रकोप फैला हुआ है, ज्यादातर राज्यों में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी है लेकिन केरल एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां ऑक्सीजन की कमी नहीं है। यही नहीं केरल में कोरोना से संक्रमित दैनिक मामलों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है लेकिन इसके बाद भी केरल अपने पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक को ऑक्सीजन सप्लाई कर रहा है।
विज्ञापन
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई अपील के बाद केरल ने फैसला किया कि वो दिल्ली को भी ऑक्सीजन सप्लाई करेगा। हालांकि पिछले साल केरल खुद मेडिकल ऑक्सीजन के लिए तमिलनाडु और कर्नाटक पर निर्भर था। बता दें कि महाराष्ट्र के बाद केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा संक्रमित आंकड़े सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
केरल के अस्पतालों को हर दिन 100 टन ऑक्सीजन की जरूरत है, जबकि राज्य की क्षमता 204 टन ऑक्सीजन उत्पादन करने की है। मार्च 2020 में एक कोविड टास्क फोर्स का गठन किया गया था, जिसने कहा था कि ऑक्सीजन की मांग बहुत तेजी से बढ़ेगी। इसके बाद पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन सक्रिय हो गया था।
विज्ञापन
मार्च के अंत में संगठन ने सभी ऑक्सीजन बनाने वाली कंपनियों को पत्र लिख दिया था कि वो अपना उत्पादन बढ़ा लें। मौजूदा समय में केरल में 23 ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें से ज्यादातर प्लांट पिछले दो साल में बने हैं। पिछले साल कोरोना महामारी के फैलने के बाद केरल ने अपनी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 60 फीसदी तक बढ़ा दी थी।
केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड और निजी कंपनी आईनोक्स ने ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ा दिया था। इसके अलावा अस्पतालों में कोविड-19 के अनुभव से सीख लेने के बाद केरल सरकार ने आईसीयू बिस्तरों की ऑक्सीजन कवरेज ज्यादा करने का फैसला लिया था। अब केरल के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में ज्यादातर बिस्तरों में ऑक्सीजन की सप्लाई है।
इसके अलावा केरल ने आशा और पंचायत स्तर के कर्मचारियों का बहुत अच्छा नेटवर्क बनाया। इन लोगों की कोशिश रही है कि अगर किसी शख्स में कोरोना के बहुत हल्क लक्षण भी हैं, तो उसका टेस्ट करवाना है।