IPL सट्टेबाजी और दाउद की संपत्ति जब्त करने वाले तेजतर्रार, हिमांशु रॉय ने क्यों की खुदकुशी?
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''सुबह मैं हिमांशु से जिम में मिला, वे कैंसर के बारे में बात कर रहे थे, उन्होंने परेशान होते हुए कहा था कि कीमोथैरेपी की भी एक सीमा होती है।'' महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री जयंत पाटिल ये बातें मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशु रॉय के बारे में बोल रहे थे। मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशु रॉय ने मुंबई स्थित अपने घर में शुक्रवार दोपहर करीब 1.30 बजे अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
55 वर्षीय रॉय की छवि एक सख्त अधिकारी की थी। उन्होंने कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। जयंत पाटिल के मुताबिक गुरुवार को जब उनकी मुलाकात हिमांशु से हुई तो उन्हें बिलकुल अंदाजा नहीं था कि ये उन दोनों की आखिरी मुलाकात होगी। साल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय लंबे वक्त से कैंसर से पीड़ित थे और साल 2016 से वे मेडिकल लीव पर थे।
फिलहाल वे मुंबई पुलिस में एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) थे। वे महाराष्ट्र के एंटी-टेरर स्क्वायड (एटीएस) के प्रमुख भी रह चुके थे। हिमांशु रॉय को याद करते हुए जयंत पाटिल ने बीबीसी से कहा, ''वे दुखी रहने लगे थे, वे हमेशा अपने इलाज के बारे में बातें करते थे। लेकिन मुझे अभी भी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा कि उन्होंने ऐसा कदम उठाया है, सात-आठ महीने पहले वे काफी पॉजीटिव दिख रहे थे, वे बोल रहे थे कि बीमारी से लड़ जाएंगे।''
अपने कड़क रुख के लिए पहचाने जाने वाले हिमांशु रॉय की आत्महत्या के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि लंबे समय से बीमारी के चलते वे डिप्रेशन के शिकार हो गए थे। हिमांशु रॉय की आत्महत्या पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री दीपक केसरकार ने मीडिया से कहा, ''वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, मैं उनकी मौत की खबर सुनकर हैरान हूं। यह मुंबई पुलिस के लिए भी झटका है। वे इस तरह हार मानने वाले अधिकारी नहीं थे।''
हिमांशु रॉय ने कई चर्चित मामलों की जांच की थी। उन्होंने साल 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग केस को सुलझाने में अहम भूमिका अदा की थी। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दारा सिंह के बेटे बिंदू दारा सिंह को भी उन्होंने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा दाऊद की संपत्ति को जब्त करने के अभियान में उनकी प्रमुख भूमिका थी, साथ ही अंडरवर्ल्ड की कवरेज करने वाले चर्चित पत्रकार जेडे की हत्या की गुत्थी को भी उन्होंने सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी।
मुंबई पुलिस के पूर्व डायरेक्टर जनरल पी एस पसरीचा ने बीबीसी से कहा, ''मैं उन्हें तब से जानता हूं जब वे पुलिस में शामिल भी नहीं हुए थे, मैं जब मुंबई में ट्रैफिक पुलिस विभाग का प्रमुख था वो(हिमांशु रॉय) तब से मुझे मिलने आते थे। अपनी बीमारी पर उन्होंने कहा था कि उन्होंने पुलिस की नौकरी में इतना दर्द सहा है तो इस बीमारी के दर्द को भी वे झेल जाएंगे।''