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Muslim countries silent on China: विशेषज्ञों ने उठाया सवाल, क्या मुस्लिम देश चीन के खिलाफ भी चला सकते हैं भारत विरोध जैसा अभियान?
Mon, 06 Jun 2022 06:48 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 06 Jun 2022 06:48 PM IST
सार
इस्लामिक देशों की प्रतिक्रिया के बाद कुछ हलकों में सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या ये राष्ट्र चीन के खिलाफ भी इसी तरह की आपत्तियां जताएंगे।
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Muslim countries on prophet row
- फोटो : social media
विस्तार
भाजपा पदाधिकारियों की टिप्पणी को लेकर बढ़ते विवाद के बीच विशेषज्ञों के एक वर्ग ने मुस्लिमों के साथ चीन के बर्ताव पर मुस्लिम देशों की चुप्पी पर सवाल उठाया। इनमें से कुछ देशों ने भाजपा के दो पदाधिकारियों की टिप्पणी पर भारत के साथ विरोध दर्ज कराने के बाद वहां मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन पर सवाल उठाया। इस्लाम पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विवाद रविवार को सऊदी अरब, कुवैत, कतर और ईरान जैसे देशों का विरोध बढ़ गया, जिसके बाद भाजपा ने अपने पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है।
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क्या चीन के खिलाफ अरब देश करेंगे ऐसी आपत्तियां
इस्लामिक देशों की प्रतिक्रिया के बाद कुछ हलकों में सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या ये राष्ट्र चीन के खिलाफ भी इसी तरह की आपत्तियां जताएंगे, जिस पर कई मानवाधिकार समूहों ने मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) में रणनीतिक अध्ययन के प्रोफेसर एमेरिटस ब्रह्म चेलानी ने कहा कि कुछ मुस्लिम देश जो इस्लाम पर चीन के हमले पर मूक रहे हैं, जिसमें दस लाख से अधिक मुसलमानों को बंदी बनाना और कुरान को जब्त करना शामिल है, उन्होंने भारत विरोध की भूमिका निभाई जिसके बाद दो भारतीय नेताओं को सत्तारूढ़ दल से निष्कासित कर दिया गया है।
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क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि वे भारत को एक नरम राज्य के रूप में देखते हैं? कार्यकर्ता और वकील कस्तूरी शंकर ने भी इसी तरह की बात कहने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने कहा, ऐसे राष्ट्र जो दुनिया के दो अरब मुसलमानों की भावनाओं के लिए खड़े होने का दावा करते हैं, वे अफगानिस्तान, सीरिया, चीन या बर्मा में मुसलमानों के लिए कुछ नहीं करते हैं। हम आईएसआईएस या चीन या तालिबान के खिलाफ कुछ नहीं कर सकते हैं, इसलिए टीवी पर एक अकेली महिला के साथ बहस करें।
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बलबीर पुंज बोले, दुनिया जानती है चीन का बर्ताव
पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा सदस्य बलबीर पुंज ने ट्विटर पर कहा, दुनिया जानती है कि चीन अपने अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुसलमानों और तिब्बती बौद्धों के साथ कैसा व्यवहार करता है। चीन शिनजियांग में इस्लाम और मुसलमानों के साथ व्यवहार करते हुए सभी मानवाधिकारों, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का उल्लंघन करता है। दुनिया में कोई नहीं इसके बारे में भी चिल्लाता है। क्यों? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, कम्युनिस्ट और जिहादी खुशी मना रहे हैं क्योंकि मोदी के खिलाफ बनाई गई असहिष्णुता के उनके अभियान ने फिलहाल अभी अपना काम कर दिखाया है।
उन्होंने कहा, हमें इसके वास्तविक चरित्र को उजागर करने और बहुल भारत को बचाने के लिए इसे बेअसर करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। सऊदी अरब, कतर, ईरान और कुवैत ने पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा और दिल्ली के पूर्व मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणी की निंदा की और सख्त विरोध जताया। शंकर ने कहा, मैं किसी भी तरह के अभद्र भाषा की निंदा करता हूं। मुझे जो चीज नापसंद है वह है चयनात्मक आक्रोश और दोहरे मापदंड। दुनिया को मानवता को धर्म से पहले रखने की जरूरत है। नूपुर शर्मा गलत थीं। मुझे नहीं लगता कि पार्टी के पास उन्हें निष्कासित करने के अलावा कोई अन्य विकल्प था। उन्होंने कहा कि मैंने इनमें से किसी भी देश को मैनचेस्टर नरसंहार, चार्ली हेब्दो या इस्लामी आतंकवादी कृत्यों की निंदा करते नहीं सुना।