फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Whose Shiv Sena, EC sought proof from Thackeray and Shinde camp

Shiv Sena: शिवसेना का असली बॉस कौन? शिंदे और उद्धव के पास समर्थन साबित करने के लिए आठ अगस्त तक का समय

Sat, 23 Jul 2022 03:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 23 Jul 2022 03:54 PM IST
सार

चुनाव आयोग ने ठाकरे व शिंदे गुट दोनों से कहा है कि वे दस्तावेजों के साथ यह सबूत दें कि उनके पास शिवसेना के सदस्यों का बहुमत है। दोनों गुटों से आयोग ने आठ अगस्त तक जवाब मांगा है। 

विज्ञापन
Whose Shiv Sena, EC sought proof from Thackeray and Shinde camp
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे - फोटो : Twitter@ CMO Maharashtra

विस्तार

महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद अब शिवसेना पर दावेदारी को लेकर एकनाथ शिंदे व उद्धव ठाकरे गुट कानूनी दांव पेंच आजमा रहे हैं। शिवसेना पर दावेदारी का मामला चुनाव आयोग पहुंच चुका है। आयोग ने दोनों गुटों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 

विज्ञापन


चुनाव आयोग ने ठाकरे व शिंदे गुट दोनों से कहा है कि वे दस्तावेजों के साथ यह सबूत दें कि उनके पास शिवसेना के सदस्यों का बहुमत है। आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के गुट द्वारा उसे लिखे गए पत्र और शिंदे गुट को ठाकरे गुट द्वारा लिखा गया पत्र भी भेजा है। दोनों गुटों से आयोग ने आठ अगस्त को दोपहर 1 बजे तक तक जवाब मांगा है। शिवसेना पर दावेदारी कर रहे दोनों गुटों से आयोग ने उनके समर्थक विधायकों व सांसदों के अलावा संगठनात्मक इकाइयों में समर्थकों के हस्ताक्षरित पत्र भी मांगे हैं। 
विज्ञापन


बता दें, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में बगावत के बाद महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के सीएम उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 30 जून को शिंदे ने महाराष्ट्र के सीएम पद की और भाजपा नेता व पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसके बाद से शिंदे गुट दावा कर रहा है कि उसके पास शिवसेना विधायकों का बहुमत है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महाराष्ट्र विधानसभा का स्पीकर व मुख्य सचेतक भी शिंदे गुट का चुना गया है। हाल ही में लोकसभा में शिवसेना के नेता को भी शिंदे गुट ने चुना है। शिवसेना के 19 लोकसभा सांसदों में से 12 ने बागी गुट को अपना समर्थन दिया है। इस बीच, शिंदे गुट अब शिवसेना की प्रतिनिधि परिषद पर कब्जे के लिए आगे बढ़ रहा है। परिषद में 282 सदस्य हैं और यह पार्टी का सबसे बड़ा अधिकृत मंच है। इसमें पार्टी के अध्यक्ष से लेकर विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी शामिल हैं। 

शिंदे बोले- हम ही शिवसेना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमें पत्र लिखा है। हम अपना पक्ष चुनाव आयोग के सामने रखेंगे। हम ही शिवसेना हैं। हमारे पास 50 विधायक हैं। लोकसभा में भी हमारे पास दो तिहाई बहुमत है। 

ठाकरे गुट का दावा- शिंदे गुट द्वारा की गई नियुक्तियां अवैध
उधर, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दावा किया है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट एमवीए सरकार गिरने से पहले बागी विधायकों के खिलाफ जारी किए गए अयोग्यता नोटिस पर फैसला नहीं करता है, तब तक नियुक्तियां अवैध हैं। 

ये बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना: राउत
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ये बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना है जो महाराष्ट्र के अन्याय के खिलाफ 56 साल पहले बनी थी। हमारे हजारों शिवसैनिक महाराष्ट्र और हिंदुत्व के लिए शहीद हो गए और आप हमसे सबूत मांगते हो कि आपकी शिवसेना असली है या नकली। देश की नहीं राज्य की जनता भी जवाब देगी।


ठाकरे परिवार की रहेगी या हाथ से निकल जाएगी शिवसेना?
शिंदे गुट अपने धड़े को असली शिवसेना बताते हुए चुनाव आयोग के समक्ष दावेदारी जता रहा है। अब देखना होगा कि दस्तावेजी सबूतों के साथ कौन कितना भारी पड़ेगा? और शिवसेना ठाकरे परिवार के हाथ में रहेगी या बाला साहब ठाकरे की यह पार्टी उनके परिवार के हाथ से निकल जाएगी?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed