कौन हैं कमर जावेद बाजवा जिनपर भरोसा जताते हुए इमरान ने दोबारा बनाया पाक सेना प्रमुख
- कमर जावेद बाजवा को 16वें पाक सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था
- पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को कश्मीर मुद्दों का जानकार माना जाता है
- कमर जावेद बाजवा के पास भारत के साथ लगी नियंत्रण रेखा का भी लंबा अनुभव
- बाजवा ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कॉर्प-10 का भी नेतृत्व किया है
- पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को डार्क हॉर्स भी कहा जाता है
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा पर भरोसा जताते हुए उनका कार्यकाल अगले तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इमरान सरकार ने ये कदम जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के सख्त रुख और अनुच्छेद 370 हटाने के बाद बौखलाहट में उठाया है। जम्मू-कश्मीर में बने हालात में पाकिस्तान के इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है।
जनरल कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तानी सेना के 16वें सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। बाजवा को 29 नवंबर 2016 को सेवानिवृत्त हुए जनरल राहिल शरीफ की जगह सेना प्रमुख बनाया गया था। बाजवा के नाम पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मुहर लगाई थी।
कमर जावेद बाजवा को कश्मीर मुद्दों का जानकार माना जाता है। बाजवा के पास भारत के साथ लगी नियंत्रण रेखा का भी लंबा अनुभव है। बाजवा 1982 में पाकिस्तानी सेना की सिंध रेजिमेंट में कमीशन होकर पहुंचे थे।
बाजवा को 2011 में हिलाल-ए-इम्तियाज से नवाजा जा चुका है। बाजवा ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कॉर्प-10 का भी नेतृत्व किया है। यह कॉर्प पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में तैनात है।
बाजवा ने कश्मीर और उत्तरी इलाकों में लंबे समय तक बतौर सेनाधिकारी सेवा दी है, इसलिए उन्हें इन इलाकों की खासी समझ है। कांगों में शांति मिशन के दौरान भी ब्रिगेडियर रहते हुए बाजवा ने अपनी सेवाएं दीं।
कमर बाजवा को पाकिस्तान के उत्तरी इलाकों की भी खासी समझ है, क्योंकि वे गिलगित-बल्तिस्तान में फोर्स कमांडर की पोस्ट पर भी रह चुके हैं। कमर बाजवा बलोच रेजिमेंट में भी सेना अधिकारी रह चुके हैं।
सेना प्रमुख से पहले कमर बाजवा पाकिस्तानी सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) में ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के इंस्पेक्टर जनरल थे। राहिल शरीफ भी आर्मी चीफ बनने से पहले इस पोस्ट पर रह चुके हैं।
पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को डार्क हॉर्स कहा जाता है। बाजवा का संबंध क्वेटा के इंफेन्ट्री स्कूल और बलोच रेजीमेंट से है। इसी रेजीमेंट से पूर्व सेना प्रमुख जनरल याह्या खान, जनरल असलम बेग और जनरल कियानी भी आगे बढ़े थे। इसीलिए उन्हें डार्क हॉर्स माना जाता है।