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कौन हैं सुनील अरोड़ा, जिनकी निगरानी में होगा 2019 का महत्वपूर्ण लोकसभा चुनाव
Sun, 10 Mar 2019 07:31 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 10 Mar 2019 07:31 PM IST
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भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा
- फोटो : भारतीय निर्वाचन आयोग
लोकसभा चुनावों की तारीख की घोषणा हो चुकी है। सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है और अब इंतजार है मतदान के दिनों का, जब जनता यह तय करेगी कि देश की बागडोर किसके हाथों में होगी। 2019 के लोकसभा चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होंगे। पहली वजह तो यह कि यह चुनाव देश के दो प्रमुख राजनीतिक दलों को भविष्य तय करेंगे। दूसरा यह कि इन चुनावों में वही ईवीएम मशीनें इस्तेमाल की जा रही हैं, जिनका विरोध सभी विपक्षी दल 2014 के बाद से लगातार करते आ रहे हैं।
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130 अरब की आबादी में से 90 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करके देश का भविष्य अगले पांच साल के लिए तय करेंगे। इसी के साथ लगभग आधा दर्जन राज्यों के विधानसभा चुनाव और कई राज्यों के उपचुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार 10 मार्च 2019 की शाम से पूरे देश में आदर्श संहिता लागू कर दी गई है। अब 27 मई तक देश में यदि सबसे शक्तिशाली कोई कार्यालय है तो वो भारतीय निर्वाचन आयोग है।
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लेकिन यह सवाल आपके मन में आ रहा होग कि इन चुनावों की रूपरेखा बनाने वाले और इसकी घोषणा करने वाले सुनील अरोड़ा आखिर हैं कौन।
- सुनील अरोड़ा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी। राजस्थान में प्रशासनिक सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनाती के अलावा 62 वर्षीय अरोड़ा ने केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया।
- इसके अलावा वह वित्त और कपड़ा मंत्रालय एवं योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव और 2005 से 2008 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी रहे है।
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- सुनील अरोड़ा का जन्म 13 अप्रैल 1956 को पंजाब के होशियारपुर में हुआ था। शुरुआती शिक्षा होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल और दयानंद मॉडल स्कूल से हुई, जिसके बाद डीएवी और वहां से डीएवी कॉलेज होशियापुर से सुनील ने ग्रेजुएशन की। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी से एमए करने के बाद सुनील यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाने लगे।
- 1980 में राजस्थान कैडर से आईएएस सुनील का पारिवारिक माहौल पढ़ाई-लिखाई से ही संबंधित रहा। उनके पिता इंडियन रेलवे में काम करते, जबकि मां होशियारपुर के ही डीएवी कॉलेज में पढ़ाती थीं। इसका असर बच्चों पर भी पड़ा। सुनील के अलावा दोनों भाई भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर हैं।
- सुनील अरोड़ा के पास सरकारी कामकाज का लंबा अनुभव है। आईएएस की नौकरी के दौरान राजस्थान के धौलपुर, अलवर, नागौर और जोधपुर जैसे जिलों में तैनात रह चुके अरोड़ा 1993-1998 के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव पद पर थे।
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- गहरी प्रशासनिक समझ रखने वाले इस अधिकारी को समय-समय पर महत्वपूर्ण पद मिलते रहे। सुनील ने राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क, उद्योग एवं निवेश विभागों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने नागरिक विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह पांच साल तक इंडियन एयरलाइंस के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं।
- सुनील अरोड़ा यूं तो अप्रैल 2016 में रिटायर हो गए थे, लेकिन उनकी दूरदर्शिता और चुनावी मामलों पर पकड़ को देखते हुए उन्हें पोस्ट-रिटायरमेंट भी लगातार जोड़ा रखा गया।