फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Where is Koh-i-Noor and Tippu Sultan's sword CIC asked to PMO and Ministry of Culture

कहां है कोह-ए-नूर और टीपू सुल्तान की तलवार, सीआईसी ने पीएमओ और संस्कृति मंत्रालय से मांगा जवाब

Wed, 29 Aug 2018 10:20 AM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 29 Aug 2018 10:20 AM IST
विज्ञापन
Where is Koh-i-Noor and Tippu Sultan's sword CIC asked to PMO and Ministry of Culture
कोह-ए-नूर

केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय और संस्कृति मंत्रालय से जवाब मांगा है। आयोग ने एक आरटीआई याचिका की सुनवाई के दौरान आदेश किया कि कोह-ए-नूर हीरे और टीपू सुल्तान की तलवार को वापस लेने को लेकर क्या कदम उठाए गए। आयोग ने जवाब देने के लिए एक माह का समय दिया है।

विज्ञापन


सूचना आयुक्त प्रोफेसर एम श्रीधर आचार्युलु ने अपने आदेश में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से ऐतिहासिक स्थलों से प्राचीन वस्तुओं की चोरी के बारे में अलर्ट, फोटो और एफआईआर करने के लिए कहा है कि ताकि तस्करों की मुश्किलें बढ़ाई जा सकें। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि एएसआई एक केंद्रीकृत सार्वजनिक दस्तावेज प्रणाली को विकसित करें, जिसमें चोरी हुई प्राचीन वस्तुओं के विवरण और फोटोग्राफ्स को सुरक्षित रखा जा सके।
विज्ञापन


बीकेएसआर अयंगार ने केन्द्रीय सूचना आयोग से अपील की थी कि जिसमें भारत सरकार से  कोह-ए-नूर हीरा, सुल्तानगंज के बुद्ध, नासाक हीरा, टीपू सुल्तान की तलवार और अंगूठी, महाराजा रणजीत सिंह का स्वर्ण सिंहासन, शाहजहां के शाही मदिरा गिलास, अमरावती रेलिंग और बुद्धापेड, सरस्वती देवी की संगमरमर की प्रतिमा और टीपू सुल्तान के मैकेनिकल बाघ को भारत वापस लाने के प्रयासों को लेकर जानकारी मांगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरटीआई के जवाब में एएसआई के जनसूचना अधिकारी ने बताया कि पुरातनता और कला अधिनियम, 1972 के तहत, एएसआई केवल उन्ही प्राचीन वस्तुओं को वापस लाने के लिए पहल कर सकता है, जिन्हें देश से अवैध रूप से देश से बाहर भेजा गया हो।

इन कलाकृतियों के बारे में आयोग का कहना है कि ये बहुमूल्य कलाकृतियों भारत की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाती हैं और इतना शानदार इतिहास लुटेरों, अपराधियों या विदेशी सरकारों या निजी संग्रहालयों के हाथों में नहीं हो सकता है। इन विरासतों के साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं क्योंकि उनमें से कुछ को धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है


आयोग ने इस पर भी आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री कार्यालय और संस्कृति मंत्रालय ने आरटीआई को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पास भेज दिया। आयोग का कहना है कि एएसआई के पास ऐसी कलाकृतियों को वापस लाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। आयोग ने कार्यालय और संस्कृति मंत्रालय को आरटीआई का जल्द से जल्द जवाब देने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed