Jaishankar: 'जब भी कोई संकट आता है, हमारे लोग देश पर कर सकते हैं भरोसा', भारत की विदेश नीति पर बोले जयशंकर
भारत के राहत प्रयासों के बारे में बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, आपको याद होगा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाया गया था। सूडान में निवासियों को भी 'ऑपरेशन कावेरी' के जरिए वापस लाया गया था।
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जब भी कोई संकट आता है, हम अपने देश पर भरोसा कर सकते हैं। यह बात विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को वाराणसी के गांधी अध्ययन पीठ सभा में 'भारतीय विदेश नीति: उद्देश्य और विशेषताएं' विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी के दौरान कही। उन्होंने कहा, "मैं ऐसे मौके पर आया हूं जब मोदी सरकार के नौ साल पूरे हो रहे हैं। जी-20 सम्मेलन करीब 60 शहरों में आयोजित किया जा रहा है। आज विकास मंत्रियों की बैठक है।"
संकट के दौरान भारत के राहत प्रयासों पर की बात
भारत के राहत प्रयासों के बारे में बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, "आपको याद होगा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाया गया था। सूडान में निवासियों को भी 'ऑपरेशन कावेरी' के जरिए वापस लाया गया था। 90 उड़ानों से यूक्रेन से देशवासियों को लाया गया था। नेपाल में भूकंप आया, फिर म्यांमार में तूफान आया।"
दलित बूथ अध्यक्ष के घर पर किया नाश्ता
विदेश मंत्री ने कहा कि वह 45 साल से विदेश नीति में काम कर रहे हैं। हाल ही में हमने प्रधानमंत्री मोदी का इतना भव्य स्वागत कभी नहीं देखा था। जयशंकर ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दलित बूथ अध्यक्ष सुजाता धुसिया के आवास पर नाश्ता किया। सुजाता के आवास पर जाने के बाद विदेश मंत्री ने कहा, "नाश्ता स्वादिष्ट था। आज से हम वाराणसी में जी-20 कार्यक्रम चला रहे हैं। खाद्य सुरक्षा, अनाज, उर्वरक और बाजरा पर चर्चा होगी।"
वाराणसी जी-20 के विकास मंत्रियों की मेजबानी को तैयार: विदेश मंत्रालय
इस बीच, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, "ऐतिहासिक शहर वाराणसी 11-13 जून तक जी-20 के तहत विकास मंत्रियों की बैठक (डीएमएम) की मेजबानी करने के लिए तैयार है।" भारत की अध्यक्षता में जी-20 के विकास मंत्रियों की बैठक 11-13 जून के बीच उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होनी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर बैठक की अध्यक्षता करेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि भारत की अध्यक्षता में होने वाली जी-20 बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशेष वीडियो संबोधन भी करेंगे।