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PM Modi: 'जब पीएम मोदी ने पूछा कि मुझे कैसे प्रशिक्षण दोगे?' CBC के पूर्व चेयरमैन ने की प्रधानमंत्री की तारीफ

Sun, 17 Aug 2025 02:18 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sun, 17 Aug 2025 02:18 PM IST
सार

आदिल जैनुलभाई एक अप्रैल 2021 को क्षमता निर्माण आयोग के चेयरमैन बने थे। हाल ही में चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने इस महत्वपूर्ण पद से इस्तीफा दे दिया। अपने कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की। 

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'When PM Modi asked how will you train me?' Former chairman of CBC praised the Prime Minister
क्षमता निर्माण आयोग (CBC) के पूर्व चेयरमैन आदिल जैनुलभाई - फोटो : एक्स/@AdilZainulbhai

विस्तार

क्षमता निर्माण आयोग (CBC) के पूर्व चेयरमैन आदिल जैनुलभाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ही सिविल सेवकों के क्षमता निर्माण कार्यक्रम का एजेंडा और लक्ष्य तय किया था। एक बार तो पीएम मोदी ने मुझसे पूछा था कि मैंने उनको प्रशिक्षण देने के लिए क्या योजना बनाई है। वे पूछ रहे थे कि मुझे कैसे प्रशिक्षण दोगे? पीएम मोदी ने हमें काफी प्रोत्साहित किया।
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आदिल जैनुलभाई एक अप्रैल 2021 को क्षमता निर्माण आयोग के चेयरमैन बने थे। हाल ही में चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने इस महत्वपूर्ण पद से इस्तीफा दे दिया। वे भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। एक इंटरव्यू में जैनुलभाई ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एजेंडा तय किया और हमें प्रोत्साहित किया। उन्होंने बहुत ऊंचा लक्ष्य रखा और हमें कुछ करने को कहा। जब मैंने पहली बार उन्हें अपडेट दिया तो उन्होंने कहा कि एक अहम बात छूट गई है। वह यह कि आपने मेरे लिए कोई प्रशिक्षण योजना नहीं बनाई है।
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आयोग में अपने कार्यकाल को लेकर जैनुलभाई ने कहा कि सीबीसी की शुरुआत प्रधानमंत्री का विचार था। शुरू में इसे सिविल सेवकों की योग्यता निर्माण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। इसे नागरिक केंद्रित होने और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने पर भी केंद्रित किया गया। हालांकि इस कार्यक्रम से अब तक जो हासिल हुआ है वह तो शुरुआत है। अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
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जैनुलभाई ने कहा कि कई देश अपने सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण के लिए मिशन कर्मयोगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म, इसके पाठ्यक्रमों तक पहुंच चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कैरेबियाई और अफ्रीकी देशों से इसका वादा किया है। जैनुलभाई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत दृष्टिकोण प्रत्येक सिविल सेवक को उनकी भूमिका के लिए आवश्यक दक्षताओं का निर्माण करने में मदद करना, नागरिक केंद्रित बनना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है।

उन्होंने कहा कि एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण (आईजीओटी) कार्यक्रम पर 3,200 से अधिक पाठ्यक्रम हैं और 1.25 करोड़ से अधिक कर्मयोगी या कर्मचारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं। हर नए कानून में iGOT पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। धीरे-धीरे इसे सरकार की कई योजनाओं और प्राथमिकताओं में शामिल किया जाएगा। इस वर्ष के अंत तक 20 लाख सिविल सेवकों को सेवा भाव पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

जैनुलभाई ने कहा कि डिजिटल प्रशिक्षण के लिए राज्यों, शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को शामिल किया जा रहा है। 195 केंद्रीय और राज्य प्रशिक्षण संस्थानों को नए मानक के अनुसार मान्यता दी गई है ताकि वे संबंधित कर्मचारियों को वांछित प्रशिक्षण प्रदान करें।


यह काम करता है क्षमता निर्माण आयोग
क्षमता निर्माण आयोग मिशन कर्मयोगी सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम का संचालन करता है। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सरकारी अधिकारियों के क्षमता निर्माण का उद्देश्य भूमिका-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से उनके दृष्टिकोण, कौशल और ज्ञान को बढ़ाना है। मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य विभिन्न सरकारी मंत्रालयों/विभागों के बीच की खाई को पाटना और साझा राष्ट्रीय लक्ष्यों और प्राथमिकताओं की दिशा में सहयोगात्मक, संयुक्त प्रयास को प्रोत्साहित करना है।

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