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Pranab Mukherjee: जब बंदरों ने बंगले में मचाया उत्पात, तब प्रणब दा ने दिया ये जवाब, बेटी ने सुनाया किस्सा
Wed, 31 Aug 2022 10:24 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 31 Aug 2022 10:24 PM IST
सार
मुखर्जी ने 25 जुलाई 2012 को 13 वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था और जुलाई 2017 में 81 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हुए थे। तीन साल बाद 31 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था।
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पिता प्रणब मुखर्जी के साथ शर्मिष्ठा मुखर्जी (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने याद करते हुए कहा कि पिता की सेवानिवृत्ति के बाद उनका हरा-भरा बंगला एकबार बंदरों से भरा था लेकिन उन्होंने बंदरों की घुसपैठ का बचाव करते हुए कहा कि इंसानों ने उनकी प्राकृतिक जगह ले ली है।
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शर्मिष्ठा ने अपने पिता की दूसरी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में बुधवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान यह किस्सा सुनाया।
शर्मिष्ठा ने याद करते हुए बताया, "मेरे पिता एक पशु प्रेमी थे। राष्ट्रपति के रूप में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद हम 10, राजाजी मार्ग बंगले चले गए थे। एक बार हवेली बंदरों से प्रभावित हो गई थी और 50-60 बंदरों की एक टुकड़ी घर के परिसर में घुस गई और उसने कहर बरपाया। उन्होंने सारे आम और सबकुछ खराब कर दिया था। लेकिन जब पिता को बताया गया तो उन्होंने कहा, हमने उनकी जगह ले ली है। हम सब्जियां खरीद सकते हैं, लेकिन क्या वे बंदर भी बाजार से सब्जियां खरीद सकते हैं।"
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मुखर्जी ने 25 जुलाई 2012 को 13 वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था और जुलाई 2017 में 81 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हुए थे। तीन साल बाद 31 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था।
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सेवानिवृत्ति के बाद मुखर्जी 11,776 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले 10, राजाजी मार्ग हवेली में चले गए थे। भूतल में मुखर्जी के लिए एक पुस्तकालय और एक पढ़ने की जगह थी, क्योंकि वह एक अच्छे पाठक भी थे।
लुटियंस दिल्ली के केंद्र में स्थित लाल-टाइल्स और चिमनी से सुसज्जित यह दो मंजिला बंगला पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की 2015 में मृत्यु तक एक सेवानिवृत्ति गृह के रूप में भी काम करता था। कार्यक्रम की मेजबानी प्रणब मुखर्जी लिगेसी फाउंडेशन ने की।