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जब सुप्रीम कोर्ट में जज को सुनना पड़ा...आप कौन बोल रहे हैं भाई साहब?
Wed, 14 Oct 2020 05:30 AM IST
Amit Mandal
राजीव सिन्हा, अमर उजाला
राजीव सिन्हा, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 14 Oct 2020 05:30 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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कोरोना काल में देश भर में चल रहे वर्चुअल कोर्ट से जहां कई मोर्चों पर इसका फायदा हुआ है, वहीं अदालती कार्यवाही के दौरान अजीबोगरीब वाकये भी अक्सर देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस यूयू ललित की अदालत में देखने को मिला। जस्टिस ललित की अध्यक्षता वाली पीठ वर्चुअल माध्यम के जरिए सुनवाई कर रही थी। अदालती कार्यवाही के दौरान एक मामले में वकील से वर्चुअल तरीके से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद जस्टिस ललित ने कोर्ट मास्टर से उस वकील को कॉल करने के लिए कहा।
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जज साहब का आदेश मिलते ही कोर्ट मास्टर ने वकील को फोन लगाया और फोन कनेक्ट होते ही कोर्ट मास्टर ने फोन जस्टिस ललित को ट्रांसफर कर दिया। जस्टिस ललित ने इसके बाद उस वकील पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी।
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कुछ देर तक तो वकील साहब सुनते रहे। थोड़ी देर बाद में वकील ने कहा, ‘भाई साहब, आपने बहुत सवाल कर लिया। अब आप मेरे सवालों का जवाब दीजिए। आप कौन साहब बोल रहे हैं। हेलो, कौन बोल रहे हो भाई।’ नाराज जस्टिस ललित ने कोर्ट मास्टर की ओर देखा और सवाल किया कि क्या आपने फोन लगाने के वक्त वकील को कोई जानकारी नहीं दी थी।
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दरअसल, जल्दबाजी में कोर्ट मास्टर वकील को बताना भूल गया कि यह अदालती कार्यवाही है और जस्टिस ललित फोन पर उपलब्ध हैं। उधर, फोन पर वकील साहब लगातार यह बोल रहे थे, ‘भाई साहब कुछ तो बोलो.......... हेलो, भाई साहब। जिसके बाद फोन काटा गया और अदालत अगले मामले की सुनवाई करने लगी।
दीगर हो कि वर्चुअल कोर्ट के दौरान कई अजीबोगरीब वाकये सामने आए हैं। कभी दस्तावेजों की आड़ में वकील सिगार पीते दिखे तो कभी सुनवाई में आलू ले लो, भिंडी ले लो, बैकग्राउंड में सुनाई दिया। कभी बैकग्राउंड में संगीत सुनाई दिया तो कभी वकील साहब बनियान पहने जिरह करने के लिए तैयार बैठे दिखे।