महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: महिलाओं पर कितना भरोसा करेंगी पार्टियां?
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महाराष्ट्र चुनाव का बिगुल बज चुका है, देखना है कि क्या इस बार सत्ता में आने की दौड़ में पार्टियां महिलाओं पर कितना भरोसा जताएंगी। अब तक हुए चुनावों में पार्टियां महिलाओं को टिकट देने में फिसड्डी रही हैं। इसी का नतीजा है कि 288 सीटों वाली विधानसभा में महज 20 महिलाएं हैं।
2014 के विधानसभा चुनावों में केवल 6.7 फीसदी महिला उम्मीदवारों को टिकट मिला था। कुल 4119 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था जिसमें से 277 महिलाएं थीं और इनमें से 20 ने जीत दर्ज की थी। वहीं इससे पहले 2009 में तो केवल 5.2 फीसदी महिलाएं ही चुनाव समर में उतरीं थीं जिनमें से 11 जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
दरअसल 2009 में महिलाओं का जीत प्रतिशत 0. 19 फीसदी रहा था जो पुरुषों के जीत प्रतिशत 0.12 फीसदी से अधिक था। जबकि 2014 में महिला एवं पुरुष उम्मीदवारों का जीत प्रतिशत बराबर 0.14 फीसदी रहा। ऐसे में यह बेहद दिलचस्प होगा कि क्या इस बार पार्टियां महिलाओं पर दांव खेलेंगी।
पिछली बार कहां थी महिलाएं:
पार्टी कितनों को टिकट कितने जीते
शिवसेना 12 01(उपचुनाव में मिली जीत)
भाजपा 20 12
कांग्रेस 27 05
एनसीपी 18 03
महिला कांग्रेस ने मांगी 34 सीटें
महाराष्ट्र महिला कांग्रेस प्रमुख चारूलता टोकस ने पार्टी से 34 सीटों पर महिलाओं को उतारने की मांग की है। चारूलता ने कहा कि हमने अपनी जुझारू कार्यकर्ताओं की सूची पार्टी नेतृत्व को सौंपी है। हमने 34 सीटों की मांग की है जिसमें उम्मीद है कि कम से कम 25 सीटें मिल जाएंगी।
महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत : शाइना एनसी
महाराष्ट्र भाजपा इकाई की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि राज्य में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाना इस वक्त की बड़ी जरूरत है। पार्टी हमें मौका दे, हमारा स्ट्राइक रेट भी अच्छा है। उन्होंने कहा कि अच्छी महिला उम्मीदवार की जीत लगभग तय होती है।