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मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेनों में सफर करना कितना मुश्किल है?
Mon, 11 May 2020 02:20 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 11 May 2020 02:20 PM IST
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श्रमिक ट्रेन (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले हफ्ते कर्नाटक सरकार ने मजदूरों के निर्माण कार्य को ना छोड़ने के लिए एक राहत कोष का एलान किया है। इस घोषणा के तहत हर निर्माण कार्य में लगे मजदूर को एक तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। ज्यादातर अंतर्राज्यीय मजदूर रजिस्ट्रेशन कार्ड ना होने की वजह से इस राहत पैकेज का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
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राज्य सरकार की ओर से दिए आंकड़ों के मुताबिक केवल 15.8 लाख मजदूरों में से ढाई लाख मजदूरों को ही इस राहत का फायदा उठा पाएंगे। कर्नाटक से जाने वाले रजिस्टर अंतर्राज्यीय मजदूरों की संख्या दो लाख से ज्यादा है।
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तमिलनाडु में चार लाख प्रवासी मजदूरों ने अपने राज्य वापस जाने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। हालांकि स्पेशल ट्रेन में एक बार में सिर्फ 1,140 लोग ही सफर कर सकते हैं जिसमें 1,130 मजदूर और 10 रेलवे के कर्मचारी शामिल है। इसका मतलब यह है कि तमिलनाडु राज्य को सभी मजदूरों को घर वापस भेजने के लिए 350 ट्रेन चलानी होंगी।
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कुछ राज्यों में ऐसे भी मजदूर भी जो किराया ना होने की वजह से स्पेशल ट्रेन में सफर नहीं कर सकते। सामान्य स्लीपर क्लास के किराये के अलावा रेलवे हर मजदूर से पचास रुपये अतिरिक्ते ले रही है जिसमें 30 रुपये सुपरफास्ट ट्रेन के और 20 रुपये अलग से हैं।
इसके अलावा कई राज्य मजदूरों से कैंप से रेलवे स्टेशन जाने तक के भी पैसे वसूल रहे हैं उदाहरण के तौर पर कर्नाटक अपने यहां मजदूरों से 140 रुपये ले रहे हैं। महाराष्ट्र में कई प्रवासी मजदूर जो ट्रेन पकड़ने के लिए मीलों पैदल चल रहे हैं उन्हें वापस ऑनलाइन पास लेने के लिए वापस भेज दिया गया।
केंद्र ने राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्यों में अंतर्राज्यीय मजदूर के पलायन पर रोक लगे। जब लॉकडाउन का एलान किया था तब देश में 525 कोरोना के मामले थे लेकिन अब ये मामले बढ़कर 60,000 के परा चले गए हैं।
अब केंद्र सरकार ने राज्यों से अपील की है कि फंसे हुए मजदूरों को उनके राज्य भेजा जाए। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए अगर जरुरत पड़ी तो रेलवे हर दिन 300 स्पेशल ट्रेन चला सकता है।
हालांकि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक ट्रक हादसे में छह प्रवासी मजदूर मारे गए और 14 घायल हो गए। ये मजदूर हैदराबाद से झांसी, एटा और बाराबंकी जा रहे थे। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने भी 100 प्रवासी मजदूरों को एक ट्रक में पकड़ा था, ये मजदूर बिहार जा रहे थे। हालांकि पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।