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क्या ट्रिपल तलाक की असलियत जानते हैं आप? क्या है सही तरीका?

Wed, 17 May 2017 05:27 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला Updated Wed, 17 May 2017 05:27 PM IST
सार

तीन तलाक को समझने से पहले भारत में इस्लाम को थोड़े में ही समझ लेते हैं। भारत में इस्लाम मुख्यत: शिया और सुन्नी दो समुदाय हैं।

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what is triple talaq FAQ
तीन तलाक मुद्दा

विस्तार

इस समय तीन तलाक का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है। लोग तमाम तरह की दलीलें अपनी सुविधानुसार दे रहे हैं। ऐसे में ये जानना जरुरी हो जाता है कि तीन तलाक वास्तव में है क्या, और क्यों इसकी जरूरत पड़ती है।
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वैसे, तीन तलाक को समझने से पहले भारत में इस्लाम को थोड़े में ही समझ लेते हैं। भारत में इस्लाम मुख्यत: शिया और सुन्नी दो ही तरीके में है। सुन्नी मुस्लिमों की भी दो जमाते हैं, इस वहाबी और सुन्नी है। बहाबी समुदाय देवबंद से फतवे मिलते हैं, तो सुन्नी समुदाय के लोग आला हजरत बरेली से ऐसे निर्देशों का पालन करते हैं। वहाबी लोग सउदी अरब के इस्लाम को फॉलो करते हैं। तो सुन्नी बरेलवी सूफिज्म को फॉलो करते हैं।
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सबसे पहली बात ये जान लें कि किसी भी धर्म को मानने का मतलब है कि आपको उसमें कोई च्वॉइश नहीं मिलती। जो चीज आपको सूट करती है, आप उसे मानते हैं। पर जो चीज आपको सूट नहीं करती आप उसे नहीं मानते हैं। तीन तलाक का मसला भी ऐसा ही मसला है।
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अब आते हैं तीन तलाक के मुद्दे पर। इस्लाम में तलाक का जो तरीका है, वो कोई भी फॉलो नहीं करता। तलाक होता ही इसलिए है कि पति-पत्नी की आपस में नहीं बन रही है और वो अलग होना चाहते हैं। ऐसे में तीन तलाक का रास्ता है। पर तीन तलाक कोई इंस्टैंट चीज नहीं है कि आपने तलाक बोल दिया और आपको मुक्ति मिल गई। दरअसल, इस समय जिस तीन तलाक की चुंहओर चर्चा हो रही है, वो इंस्टैंट तीन तलाक है। इंस्टैंट तलाक कौन देता है? वो जो गुस्से में होता है। और गुस्सा इस्लाम में हराम माना गया है। हराम चीज अगर कोई करता है, वो वैसे ही इस्लाम से बाहर हो गया। ऐसे में हराम काम कैसे सही हो गया ? इसलिए तीन तलाक की ये प्रक्रिया ही गलत है। इसे मानने वाले भी धर्म का उल्लंघन कर रहे हैं। इंस्टैंट तलाक गुस्से की वजह से होता है। गुस्सा इस्लाम में हराम है।

आगे बढ़ें तीन तलाक के बारे में...

तीन तलाक का सही तरीका

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तीन तलाक - फोटो : SELF
दूसरा और तलाक का सही तरीका है तीन तलाक: इस तरीके से अलगाव का सही तरीका है कि आप तलाक बोलें तो लड़की के साथ ही लड़के की तरफ से भी दो दो गवाह मौजूद हों। तीन बार तलाक बोलने के बाद एक माह का समय पति-पत्नी को मिलता है। दरअसल, तलाक हो गया तो भी अगर दोनों में पट रही है, तो आखिरी प्रोसीजर की जरुरत नहीं पड़ती और पति-पत्नी दोनों ही निकाह करके अपना जीवन साथ जी सकते हैं। पर अगर दो बार तलाक होने के बाद भी दोनों की आपस नहीं निभ रही है, तो 3 माह के इद्दत पीरियद के बाद ही सभी पक्षों की मौजूदगी में हस्ताक्षरों के साथ ही दोनों का संबंध विच्छेद होता है। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 4 माह का समय लगता है।

तीन तलाक के मुद्दे पर आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के उत्तराखंड कन्वीनर मौलाना रिसालुद्दीन हक्कानी ने अमर उजाला से कहा कि हर पति, पत्नी को मुहब्बत से रहना चाहिए, जिससे तलाक की नौबत ही न आए। अगर ऐसी कोई मजबूरी आन पड़े तो तलाक-ए-रजई सबसे बेहतर तरीका है, इसमें इद्दत के पूरा होने तक निकाह नहीं टूटता। गलती का अहसास होने पर बीवी से दोबारा रिश्ता बनाया जा सकता है। इद्दत की अवधि पूरी होने पर मेहर की राशि अदा करनी पड़ेगी और निकाह भी दोबारा होगा। तीन तलाक (तलाक ए मुगल्लजा) से हमेशा के लिए दोनों जुदा जाते हैं। फिर से दोबारा निकाह हलाला के बाद ही हो सकता है। 

हलाला को लेकर तमाम बाते की जाती हैं। इसके बारे में जानें...
 

​​हलाला क्या है?

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तीन तलाक - फोटो : amar ujala
​​हलाला क्या है?
तलाक के बाद औरत का निकाह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ होता है। उस व्यक्ति के तलाक देने के बाद ही पहला शौहर शादी कर सकता है। इसे हलाला कहते हैं। लेकिन प्लानिंग के तहत इसे किया जाना गलत है और शरीयत में इसकी गुंजाइश नहीं। ऐसे लोगों पर लानत है जो ऐसा करते हैं। ऐसी ही गलतियों की वजह से इस्लामिक कानूनों पर उंगलियां उठती हैं।

श्रवण शुक्ला(लेखक की ओर से--- सबसे पहली बात तो ये है कि इस आर्टिकल द्वारा किसी भी धार्मिक मामले में हस्तक्षेप का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। चूंकि मौजूदा समय में ट्रिपल तलाक पूरे देश के लिए ज्वलंत मुद्दे की तरह है। इसलिए ये हमारा दायित्व बनता है कि हम सही बात के बारे में लोगों को बताएं। ये सर्वविदित है कि ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे के बारे में हमारा बहुसंख्य समाज कम ही जानता है, ऐसे में ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर जो बहस हमारे आस पास होती हैं, वो अधकचरी और अज्ञानता फैलाने वाली होती हैं। इसीलिए विशेषज्ञों से बातचीत के बाद हम यह लेख प्रकाशित कर रहे हैं।)
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