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राफेल का मतलब 'तूफान', जानिए इसकी खूबियां

Tue, 10 Sep 2019 08:25 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनिल पांडेय Updated Tue, 10 Sep 2019 08:25 PM IST
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What is so special about Rafale fighter jet? Why Indian Air Force Bought it
राफेल लड़ाकू विमान - फोटो : dassault aviation

राफेल लड़ाकू विमान पिछले तीन वर्षों से भारतीय राजनीति के केंद्र में रहा है। लोकसभा चुनावों में यह विपक्षी दलों का मुद्दा भी था। हालांकि केंद्र सरकार आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। सरकार का दावा है कि वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए इस सौदे को जल्दी पूरा करना जरूरी था। हालांकि यह सब बातें चुनाव के बाद ठंडे बस्ते में चली गईं।

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अब तो अपडेट यह है कि आठ अक्तूबर को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस की यात्रा पर जाएंगे और भारत के पहले राफेल लड़ाकू विमान का हैंडओवर लेंगे। अगले आठ महीनों के भीतर बारी-बारी से राफेल के 36 महीनों की खेप भारत आ जाएगी। इसके बाद भारतीय पायलटों को एडवांस राफेल विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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क्या है राफेल विमान

राफेल विमान फ्रांस की डेसाल्ट कंपनी द्वारा बनाया गया 2 इंजन वाला लड़ाकू विमान है। राफेल लड़ाकू विमानों को ओमनिरोल विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध के समय अहम रोल निभाने में सक्षम हैं। हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध ये सारी राफेल विमान की खूबियां हैं। 

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राफेल को ही क्यों चुना?

वित्तीय कारणों से भारतीय वायु ने लंबे टेस्ट के बाद राफेल को चुना। दरअसल राफेल विमान भारत सरकार के लिए एकमात्र विकल्प नहीं था। इस डील के लिए कई अंतरराष्ट्रीय विमान निर्माताओं ने भारतीय वायुसेना से पेशकश की थी। इनमें से छह बड़ी विमान कंपनियों को चुना गया। जिसमें लॉकहेड मार्टिन का एफ-16, बोइंग एफ/ए-18 एस, यूरोफाइटर टाइफून, रूस का मिग -35, स्वीडन की साब की ग्रिपेन और राफेल शामिल थे।



भारतीय वायुसेना ने विमानों के परीक्षण और उनकी कीमत के आधार पर राफेल और यूरोफाइटर को शॉर्टलिस्ट किया। यूरोफाइटर टायफून काफी महंगा है। इस कारण भी डलास से 126 राफेल विमानों को खरीदने का फैसला किया गया है। तकनीक में उन्नत यह विमान हवाई टोह, ग्राउंड सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शर्प स्ट्राइक और परमाणु अभियानों को अंजाम देने में दक्ष है। इसमें मल्टी मोड रडार लगे हैं।

राफेल की खूबियां

  • राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। 
  • अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है।
  • विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम किलोग्राम है।
  • यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता। 
  • 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी। 
  • 150 किमी की बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल, हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल। 
  • स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी, हथियारों के स्टोरेज के लिए 6 महीने की गारंटी। 
  • राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता। 
  • 1 मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई और 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस। 
  • 75 फीसदी विमान हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार हैं, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। 
  • राफेल को अफगानिस्तान, लीबिया, माली और इराक में इस्तेमाल किया जा चुका है।
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