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Railways: सिग्नल की खराबी से निपटने के लिए पश्चिम रेलवे तैयार, मंडलों से कहा- सेक्शन इंजीनियरों को दें टैबलेट

Tue, 19 Aug 2025 06:22 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 19 Aug 2025 06:22 PM IST
सार

पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (पीसीएसटीई) ने 12 अगस्त को लिखे एक पत्र में अहमदाबाद, मुंबई सेंट्रल, वडोदरा, भावनगर, राजकोट और रतलाम के मंडल रेल प्रबंधकों से कहा कि वे सिग्नलिंग एवं दूरसंचार (एस एंड टी) पर्यवेक्षकों के लिए टैबलेट कंप्यूटर की व्यवस्था करें।

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Western Railways ready to deal with signal malfunction, told divisions to give tablets to section engineers
रेलवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिग्नलों में आने वाली खराबी से निपटने के लिए पश्चिम रेलवे ने बड़ी तैयारी की है। पश्चिम रेलवे ने सभी मंडलों से कहा है कि वे अपने सभी जूनियर और सीनियर सेक्शन इंजीनियर को टैबलेट दें। ताकि सिग्नल का ठीक से रखरखाव हो सके और गड़बड़ी आने पर जल्द से जल्द उसे ठीक किया जा सके। 
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पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (पीसीएसटीई) ने 12 अगस्त को लिखे एक पत्र में अहमदाबाद, मुंबई सेंट्रल, वडोदरा, भावनगर, राजकोट और रतलाम के मंडल रेल प्रबंधकों से कहा कि वे सिग्नलिंग एवं दूरसंचार (एस एंड टी) पर्यवेक्षकों के लिए टैबलेट कंप्यूटर की व्यवस्था करें। क्योंकि सिग्नलिंग रखरखाव प्रबंधन प्रणाली (एसएमएमएस) के चलते उनका कार्यभार बढ़ गया है।
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पत्र में कहा गया कि एसएमएमएस को पूरे पश्चिम रेलवे में लागू किया जा रहा है। वर्तमान में पश्चिम रेलवे की कुल 3,01,650 सिग्नलिंग परिसंपत्तियां एसएमएमएस में पंजीकृत हैं और सिग्नल फेल होने की एंट्री समेत दैनिक औसत रखरखाव एंट्री 30,000 के आसपास हैं।
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अपने मोबाइल का उपयोग कर रहे कर्मचारी
पत्र में लिखा है कि सिग्नलिंग रखरखाव प्रबंधन प्रणाली में विफलताओं और रखरखाव गतिविधियों दोनों के लिए एसएसई/जेई स्तर पर प्रतिदिन डाटा एंट्री की जानी हैं। मौजूदा सिग्नलिंग परिसंपत्तियों के एसएमएमएस डेटाबेस में नए जुड़ाव और परिवर्तन भी क्षेत्र स्तर पर की जाने वाली एक नियमित गतिविधि है। वर्तमान में एसएमएमएस में इन एंट्री को करने के लिए कोई तंत्र नहीं है और ज्यादातर मामलों में कर्मचारी डाटा एंट्री के लिए अपने मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है और इससे गलती की आशंका बनी रहती है। 


इसके अलावा एसएमएमएस में डाटा दर्ज करने में नियमित रूप से देरी हो रही है। एसएमएमएस से डाटा का आकलन करने और एसएमएमएस से फेलियर विश्लेषण की सुविधा के लिए संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) को टैबलेट प्रदान किए जाने चाहिए। ऐसा इंजीनियरिंग विभाग में टीएमएस (ट्रैक प्रबंधन प्रणाली) के लिए किया गया है। टीएमएस के लिए सभी पी-वे पर्यवेक्षकों को टैबलेट प्रदान किए गए हैं। ऐसे में एसएमएमएस के लिए एसएंडटी पर्यवेक्षकों को भी टैबलेट दिए जाने चाहिए।

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