बंगाल: मानवाधिकार समिति की टीम पर हमला, चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच करने पहुंची थी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच करने गई मानवाधिकार आयोग द्वारा गठित टीम पर मंगलवार को हमला हुआ। इस समिति के सदस्य ने वीडियो और फोटो पोस्ट कर हमले का दावा किया।
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच करने गई मानवाधिकार आयोग की ओर से गठित समिति के सदस्यों पर मंगलवार को हमला हुआ। बता दें कि बंगाल हिंसा के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा गठित समिति बंगाल दौरे पर थी।
इस समिति के सदस्य और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष आतिफ रशीद ने मंगलवार को दावा किया कि कोलकाता में बदमाशों ने उन पर और उनकी टीम के अन्य सदस्यों पर हमला किया। भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना की निंदा करते हुए दावा किया है कि ‘‘बंगाल में लोकतंत्र बर्बाद हो रहा है’’, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि घटना में सत्तारूढ़ पार्टी से कोई शामिल नहीं था।
वेस्ट बंगाल के जाधवपुर मे दलित समाज के जले हुए टूटे हुए घरों की तस्वीरें इन घरों के लोग यहाँ से दो महीने से पलायन कर चुके हैँ गुनाह सिर्फ इतना अपनी मर्ज़ी से वोट देना हम सच जानने गए तो हम पर भी हमला किया गया यह लोग हमें मारने को चढ़ रहे हैँ तो वह ग़रीब,दलित का क्या हाल किया होगा! pic.twitter.com/6RAR1IRAM6
— Atif Rasheed (@AtifBjp) June 29, 2021
रशीद ने कहा कि जादवपुर इलाके में तथ्य का पता लगाने के दौरान टीम ने पाया कि 40 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और इन मकानों के निवासी अब उसमें नहीं रहते हैं। उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘‘कुछ बदमाशों ने हमलोगों और पुलिस पर हमला किया। उन्होंने हमें पीटने की कोशिश की और हमें वहां से खदेड़ना चाहा। अगर यह हमारी स्थिति है तो आम लोगों की क्या दुर्दशा होती होगी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस यहां आई टीम को बचाने तक नहीं आई।
वहीं एक वीडियो में रशीद लोगों को समझाते हुए नजर आए कि आप गलत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किस तरह ये दंगाई सीआईएसएफ के जवानों के साथ मारपीट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सीआईएसएफ के जवानों के सामने इनकी ये हिम्मत है तो मान लीजिए कि आम जनता का यहां क्या हाल होगा।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों ने जादवपुर में नारे लगाए लेकिन उन्हें मौके से हटा दिया गया। राज्य के दौरे पर आई समिति का गठन राष्ट्रीय मनावाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर किया है। उच्च न्यायालय ने राज्य में चुनाव बाद हिंसा के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए एनएचआरसी को समिति के गठन का निर्देश दिया था।
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य का तंत्र पश्चिम बंगाल में तानाशाही स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।