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टीएमसी के दोनों गुटों में बढ़ा विवाद: ऋतब्रत बनर्जी का ममता समर्थकों पर आरोप, कहा- हलफनामे छीनने की कोशिश की
Mon, 26 Oct 2026 03:06 PM IST
देवेश त्रिपाठी
आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 26 Oct 2026 03:06 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद तेज हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने निर्वाचन आयोग को सौंपे जाने वाले उनके गुट के हलफनामे छीनने की कोशिश की।
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टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर घमासान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद तेज हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट पर चुनाव आयोग में जमा किए जाने वाले महत्वपूर्ण हलफनामे छीनने की कोशिश का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि इन शपथ-पत्रों का उद्देश्य पार्टी के मूल नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और चुनाव चिह्न 'फूल और घास' पर अपना अधिकार साबित करना है। ऋतब्रत ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर दावा किया कि कोलकाता से नई दिल्ली जा रहे एक ट्रक को लूटने की कोशिश की गई। इस ट्रक में उनके गुट की ओर से हलफनामे ले जाए जा रहे थे। हालांकि, ऋतब्रत ने दावा किया कि उनके गुट के कार्यकर्ताओं ने हलफनामों को छीनने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
ममता बनर्जी के गुट पर आरोप लगाते हुए क्या बोले ऋतब्रत?
ऋतब्रत ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा कि 25 तारीख की शाम को कालीघाट (ममता बनर्जी गुट) के हलफनामे एक चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली भेजे गए। हमारे हलफनामे सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाए जा रहे हैं। हमारे कार्यकर्ता 24 तारीख की सुबह इन दस्तावेजों को लेकर चुनाव आयोग में जमा करने के लिए निकले थे। आधे घंटे पहले ट्रक पर कब्जा करने और हमारे दस्तावेजों को छीनने की कोशिश की गई। हमारे कार्यकर्ताओं ने बहादुरी से इसका सामना किया। लड़ाई जारी है। यह 'चार्टर्ड कल्चर' और 'ग्रास रूट' के संकल्प के बीच की लड़ाई है। तानाशाह हर क्षेत्र में संगठित लूट की अपनी कोशिशों में सफल नहीं होंगे।
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टीएमसी में हुए दोफाड़
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में ईसीआई ने मूल पार्टी नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और इसके मूल चुनाव चिह्न 'घास और फूल' को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था। ममता बनर्जी के गुट को नया नाम "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" और चुनाव चिह्न फुटबॉल खिलाड़ी दिया गया था।
दूसरी ओर, ऋतब्रत के गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था। अब यह तय करने की अंतिम प्रक्रिया शुरू हो गई है कि दोनों गुटों में से किसे मूल पार्टी का नाम और मूल चुनाव चिह्न मिलेगा। इसके लिए ईसीआई ने दोनों गुटों से हलफनामे मांगे हैं। ऐसे में, ममता बनर्जी के गुट पर ऋतब्रत द्वारा लगाए गए लूट की कोशिश के आरोपों ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
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उन्होंने कहा कि इन शपथ-पत्रों का उद्देश्य पार्टी के मूल नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और चुनाव चिह्न 'फूल और घास' पर अपना अधिकार साबित करना है। ऋतब्रत ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर दावा किया कि कोलकाता से नई दिल्ली जा रहे एक ट्रक को लूटने की कोशिश की गई। इस ट्रक में उनके गुट की ओर से हलफनामे ले जाए जा रहे थे। हालांकि, ऋतब्रत ने दावा किया कि उनके गुट के कार्यकर्ताओं ने हलफनामों को छीनने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
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ममता बनर्जी के गुट पर आरोप लगाते हुए क्या बोले ऋतब्रत?
ऋतब्रत ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा कि 25 तारीख की शाम को कालीघाट (ममता बनर्जी गुट) के हलफनामे एक चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली भेजे गए। हमारे हलफनामे सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाए जा रहे हैं। हमारे कार्यकर्ता 24 तारीख की सुबह इन दस्तावेजों को लेकर चुनाव आयोग में जमा करने के लिए निकले थे। आधे घंटे पहले ट्रक पर कब्जा करने और हमारे दस्तावेजों को छीनने की कोशिश की गई। हमारे कार्यकर्ताओं ने बहादुरी से इसका सामना किया। लड़ाई जारी है। यह 'चार्टर्ड कल्चर' और 'ग्रास रूट' के संकल्प के बीच की लड़ाई है। तानाशाह हर क्षेत्र में संगठित लूट की अपनी कोशिशों में सफल नहीं होंगे।
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टीएमसी में हुए दोफाड़
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में ईसीआई ने मूल पार्टी नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और इसके मूल चुनाव चिह्न 'घास और फूल' को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था। ममता बनर्जी के गुट को नया नाम "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" और चुनाव चिह्न फुटबॉल खिलाड़ी दिया गया था।
दूसरी ओर, ऋतब्रत के गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था। अब यह तय करने की अंतिम प्रक्रिया शुरू हो गई है कि दोनों गुटों में से किसे मूल पार्टी का नाम और मूल चुनाव चिह्न मिलेगा। इसके लिए ईसीआई ने दोनों गुटों से हलफनामे मांगे हैं। ऐसे में, ममता बनर्जी के गुट पर ऋतब्रत द्वारा लगाए गए लूट की कोशिश के आरोपों ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।