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बंगाल: टीएमसी को लगा झटका, परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पद से दिया इस्तीफा
Fri, 27 Nov 2020 09:29 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 27 Nov 2020 09:29 PM IST
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सुवेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अधिकारी नंदीग्राम आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे,और यह आंदोलन पार्टी नेता ममता बनर्जी को 2011 में सत्ता में लाने का एक अहम कारक बना था। पार्टी नेतृत्व से अनबन के बाद अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा फैक्स के जरिए भेजा और उसे राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी ईमेल कर दिया।
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अधिकारी ने अपने इस्तीफे में लिखा, 'मैं मंत्री के रूप में अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किए जाने के संबंध में कदम उठाए जाने चाहिए। मैं साथ ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को भी इसे ईमेल कर रहा हूं और उनसे आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करता हूं।' उन्होंने कहा, 'राज्य की जनता की सेवा करने का मौका देने के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं, इसे मैंने पूरी प्रतिबद्वता, लगन और ईमानदारी के साथ किया।'
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राज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘आज 1:05 बजे मंत्री सुवेंदु अधिकारी का इस्तीफा,जिसे मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया था, मुझे भेजा गया। मुद्दे को संवैधानिक दृष्टिकोण से हल किया जाएगा।’ अधिकारी ने इसके साथ ही हल्दिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नर्स के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। अब पार्टी से इस्तीफा देने के बाद परिवहन मंत्रालय का जिम्मा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पास रखेंगी।
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अधिकारी पिछले कई माह से कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे और सांसद सौगत राय और सुदीप बंदोपाध्याय को उनसे बात करने और मामले को हल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अधिकारी लगातार राज्य का दौरा कर रहे थे और समर्थकों की रैलियों में शामिल हो रहे थे लेकिन वह यह सब पार्टी के बैनर से दूर रह कर रहे थे,जो पार्टी के लिए आम बात नहीं है।
दिलीप घोष बोले, नाखुश नेताओं के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं
भाजपा ने कहा कि यह इस्तीफा तृणमूल नेताओं का पार्टी नेतृत्व के प्रति गुस्सा दर्शाता है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'सुवेंदु जी ममता बनर्जी के दंभ और भ्रष्टाचार से परेशान थे। अगर सुवेंदु जी भाजपा में आते हैं तो उनता स्वागत किया जाएगा। टीएमसी के कई नेता भाजपा में शामिल होंगे। हम उनमें से कुछ के संपर्क में हैं।
वहीं राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अधिकारी का इस्तीफा ‘तृणमूल के अंत’ का इशारा करता है। उन्होंने कहा, सुवेंदु का तृणमूल से निकलना वक्त की बात है। सत्तारूढ़ पार्टी के कई ऐसे नेता हैं जो पार्टी के कामकाज के तरीके से नाखुश हैं। हमारे दरवाजे खुले हैं।'
टीएमसी सांसद सौगत राय ने नकारी सुवेंदु के इस्तीफे की बात
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत राय ने सुवेंदु अधिकारी की खबरों को अफवाह करार दिया। उन्होंने कहा कि समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार राय ने कहा, 'उन्होंने (सुवेंदु अधिकारी) पार्टी या विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मैं आश्वस्त करता हूं कि वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं। यह अफवाह है कि वह दिल्ली में मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे।'
मोदी-शाह से डरती क्यों हैं ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, 'जब हमारे नेता दिल्ली से आते हैं तो ममता जी डर जाती हैं। जब बापू गुजरात से आते थे तो आप उनका सम्मान करती थीं, उसी गुजरात से जब मोदी जी और अमित जी आते हैं तो आपको डर क्यों लगता है? पश्चिम बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश बनाने की साजिश की जा रही है, यहां आतंकी समूह सक्रिय हैं, हम इसकी स्थिति को सुधारना चाहते हैं।'