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बंगाल पंचायत चुनाव हिंसा के बचाव में सत्ताधारी सांसद ने याद दिलाया 28 साल पुराना इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Mon, 14 May 2018 03:09 PM IST
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डेरेक ओ ब्रायन
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पश्चिम बंगाल में आज जारी पंचायत चुनावों में हिंसा की कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। 20 जिलों में हो रहे चुनाव में हिंसा की अलग अलग घटनाओं में 6 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन हिंसक घटनाओं के मद्देनजर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ऑब्रायन ने पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में हिंसक घटनाओं का इतिहास याद दिलाते हुए आज की हिंसा को मामूली करार दिया है।
डेरेक ओब्रायन ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, 'बंगाल पंचायत चुनाव के 'नवजात' विशेषज्ञ को बता दूं कि राज्य के पंचायत चुनाव का अपना इतिहास रहा है। 1990 में सीपीआई(एम) के शासनकाल में 400 लोगों मारे गए और 2003 में 40 लोगों की मौत हुई थी। हर मौत दुखद है। लेकिन पहले की तुलना में अब हालात सामान्य के करीब हैं। सिर्फ कुछ दर्जन घटनाएं हुई हैं। सिर्फ 58000 बूथ में से 40 पर। आप प्रतिशत बताएं।'
ओब्रायन ने आज की वारदातों को बहुत कम बताया और इन घटनाओं के लिए सीपीआई (एम) और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, 'सीपीआई (एम) और बीजेपी चुनाव जीतने के लिे इतनी उतावली हैं कि उन्होंने माओवादियों के साथ साठगांठ कर तृणमूल के तीन कार्यकर्ताओं की अलग अलग वारदातों में हत्या कर दी। जानबूझकर हिंसा भड़काई जा रही है। क्या ये लोकतंत्र है?
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डेरेक ओब्रायन ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, 'बंगाल पंचायत चुनाव के 'नवजात' विशेषज्ञ को बता दूं कि राज्य के पंचायत चुनाव का अपना इतिहास रहा है। 1990 में सीपीआई(एम) के शासनकाल में 400 लोगों मारे गए और 2003 में 40 लोगों की मौत हुई थी। हर मौत दुखद है। लेकिन पहले की तुलना में अब हालात सामान्य के करीब हैं। सिर्फ कुछ दर्जन घटनाएं हुई हैं। सिर्फ 58000 बूथ में से 40 पर। आप प्रतिशत बताएं।'
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To all 'newborn' experts on Bengal #PanchayatElections in State have a history. 400 killed in poll violence in 1990s in CPIM rule. 2003: 40 dead.Every death is a tragedy. Now closer to normal than earlier times.Yes, few dozen incidents. Say,40 out of 58000 booths. What's %age ?
विज्ञापन विज्ञापन— Derek O'Brien (@derekobrienmp) 14 May 2018
ओब्रायन ने आज की वारदातों को बहुत कम बताया और इन घटनाओं के लिए सीपीआई (एम) और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, 'सीपीआई (एम) और बीजेपी चुनाव जीतने के लिे इतनी उतावली हैं कि उन्होंने माओवादियों के साथ साठगांठ कर तृणमूल के तीन कार्यकर्ताओं की अलग अलग वारदातों में हत्या कर दी। जानबूझकर हिंसा भड़काई जा रही है। क्या ये लोकतंत्र है?
CPI(M) and BJP are now so desperate that they are even ganging up with Maoists to kill/shoot/stab three Trinamool workers in different incidents in #Bengal today. Deliberately trying to foment trouble. Is this democracy? #PanchayatElection
— Derek O'Brien (@derekobrienmp) 14 May 2018