पश्चिम बंगाल : ममता सरकार ने दो दिनों के भीतर दूसरी बार आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को दो दिनों के भीतर दूसरी बार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) कैडर के अधिकारियों के तबादले किए। ममता सरकार ने लक्ष्मी नारायण मीणा को कोलकाता पुलिस का नया अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया। एक अधिसूचना में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, इससे पहले मीणा राज्य सीआईडी के पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात थे। इसके मुताबिक, मेराज खालिद को कोलकाता पुलिस के केंद्रीय संभाग का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है। अब तक केंद्रीय संभाग के उपायुक्त रहे सुधीर कुमार नीलकंठ को खालिद के स्थान पर उपायुक्त (दक्षिण) का प्रभार सौंपा गया है।
इसी तरह, सैयद वकार को उपायुक्त (बंदरगाह) कार्यालय से स्थानांतरित कर कोलकाता पुलिस के दक्षिण-पश्चिम संभाग का नया उपायुक्त बनाया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, नीलांजन बिश्वास को कोलकाता सशस्त्र पुलिस (केएपी) की तीसरी बटालियन का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है। इसके मुताबिक, आईपीएस अधिकारी सुदीप सरकार, देबस्मिता दास और जफर अजमल किदवई को भी नए पदों पर स्थानांतरित किया गया है।
ममता ने अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे के बीच तृणमूल सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रशासनिक बैठक के दौरान केंद्र सरकार पर एक बार फिर हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। ममता ने कहा कि राज्य के आइएएस व आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय जांच एजेंसियों के नाम से डराया जा रहा है। अधिकारियों को लगातार धमकी दी जा रही है कि अगर वह उनकी बात नहीं मानेंगे, तो उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां जांच करेगी।
जांच व प्रताड़ित करने की धमकी
मुख्यमंत्री ने केंद्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि राज्य के पुलिस अधिकारियों को आयकर विभाग, सतर्कता आयोग द्वारा जांच व प्रताड़ित करने की धमकी दी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कार्यरत आइएएस व आइपीएस अधिकारियों की पत्नियों को अन्य राज्यों के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में तबादला करने की भी धमकी दी जा रही है।ममता ने कहा कि भारत में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, जब पुलिस अधिकारियों को इस प्रकार से डराया गया हो। उन्होंने केंद्र पर एक बार फिर राज्यों के अधिकार में हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया। साथ ही नसीहत दी कि किसी को भी लक्ष्मण रेखा नहीं लानी चाहिए। उन्होंने इशारों में राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी रूप से संवाददाता सम्मेलन बुला कर पुलिस अधिकारियों को धमकाया जा रहा है।