सिंगूर नर्सिंग होम में नर्स की मौत: पुलिस बोली- FIR के बाद की जाएगी कार्रवाई; भाजपा ने ममता सरकार को घेरा
पश्चिम बंगाल के हुगली में नर्सिंग होम में नंदीग्राम की नर्स की संदिग्ध मौत ने बंगाल की सियासत में उबाल ला दिया है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आत्महत्या के दावे पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पोस्टमार्टम केंद्रीय अस्पताल में कराने की मांग की। वहीं कोलकाता पुलिस ने कहा कि शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर स्थित एक नर्सिंग होम में एक नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने राज्यभर की सियासत में गर्माहट ला दी है। इस घटना के बाद राज्य में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है। मृतका की पहचान नंदीग्राम की रहने वाली एक युवती के रूप में हुई, जिसे कुछ समय पहले नर्सिंग की नौकरी के लिए सिंगूर भेजा गया था। मामले में अब भाजपा विधायक और पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है।
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
बात अगर मामले में कोलकाता पुलिस के बयान की करें तो कोलकाता सेंट्रल पुलिस की डीसी इंदिरा मुखर्जी ने कहा कि कोलकाता पुलिस मॉर्चरी में शव को सुरक्षित रखने की पूरी व्यवस्था है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी पक्षों से अनुरोध किया है कि वे पुलिस स्टेशन आकर शिकायत दर्ज कराएं। अगर कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज होती है, तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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मामले में क्या बोले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी
वहीं भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम के एक गांव से एक लड़की को सिंगूर में नर्सिंग की नौकरी के लिए भेजा गया था। नर्सिंग होम वालों ने उसके माता-पिता को फोन कर बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। यह बहुत ही दुखद घटना है। हमारे भाजपा कार्यकर्ताओं और वकीलों ने इसका विरोध किया।
अधिकारी ने आगे कहा कि हम मांग कर रहे हैं कि पोस्टमार्टम किसी केंद्रीय अस्पताल में या केंद्र सरकार के डॉक्टर से कराया जाए। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और जबरन शव को कोलकाता पुलिस मॉर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि वे मृतका के परिवार का पूरा सहयोग करेंगे और संभव है कि परिवार सोमवार को इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख करे।
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मामले ने पकड़ लिया तूल
बता दें कि इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ पुलिस जांच की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगा रहा है। परिजनों और राजनीतिक दलों की मांग है कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले।