फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal crisis may increase if Political violence can not stop

राजनीतिक हिंसा न रुकी तो गहरा सकता है पश्चिम बंगाल का संकट

Mon, 10 Jun 2019 06:31 PM IST
गौरव द्विवेदी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Mon, 10 Jun 2019 06:31 PM IST
विज्ञापन
West Bengal crisis may increase if Political violence can not stop
बंगाल में भड़की हिंसा में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ता - फोटो : PTI

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उनकी इस मुलाकात के बाद से पश्चिम बंगाल को लेकर केंद्र के रुख पर कयासबाजी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि राज्पाल ने प्रधानमंत्री को प. बंगाल की स्थिति के बारे में जानकारी दी है। माना यह भी जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं की हो रही हत्या को रोकने के लिए भाजपा 'कड़े कदम' उठा सकती है।

विज्ञापन


वहीं, सोमवार को दिल्ली पहुंचे पार्टी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने यह कहकर माहौल और गरम कर दिया कि अगर ममता बनर्जी राज्य सरकार का प्रशासन संभालने में असफल रहती हैं और राज्य में हत्याओं का दौर नहीं थमता है तो पार्टी केंद्र से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर सकती है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पूरे देश में पश्चिम बंगाल में ही लोकसभा चुनावों के बाद हिंसा हो रही है, जबकि पूरे देश में शांति है। इससे यह साबित होता है कि स्वयं टीएमसी नेताओं के इशारे पर राजनीतिक हत्याओं को अंजाम दिया जा रहा है। 
विज्ञापन


केंद्र के पास क्या विकल्प

किसी राज्य में कानून-व्यवस्था के फेल होने की स्थिति में केंद्र अनुच्छेद 356 का प्रयोग कर राज्य का प्रशासन अपने हाथ में ले सकता है। लेकिन यह अंतिम रूप से विकल्प होता है। इसके पहले केंद्र राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था को सुधारने का निर्देश दे सकता है। गृहमंत्रालय के पश्चिम बंगाल सरकार को दिए गए निर्देश को इसी नजरिये से देखा जा रहा है। केंद्र ने प. बंगाल सरकार से अपने कर्तव्यपालन में लापरवाह रहे अधिकारियों से कड़ा व्यवहार करने की बात भी कही है। हालांकि, पश्चिम बंगाल ने इसे राज्य का शासन हथियाने की एक गलत कोशिश बताया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने गृहमंत्रालय से अपना निर्देश वापस लेने की मांग भी की है क्योंकि उसके मुताबिक यह निर्देश बंगाल के लोगों का अपमान है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने के पक्ष में नहीं है। लेकिन अगर राज्य में उसके कार्यकर्ताओं की हत्या नहीं रुकती है तो लोगों की रक्षा के लिए उसे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।


शिष्टाचारवश हुई राज्यपाल की मुलाकात

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरी बार शपथ लेने के बाद कई राज्यों के प्रमुखों ने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की है। सोमवार को भी पश्चिम बंगाल के अलावा कुछ अन्य राज्यों के राज्यपालों से प्रधानमंत्री के मिलने का कार्यक्रम था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने से पहले स्वयं केसरीनाथ त्रिपाठी ने भी यह बात कही और बताया कि उन्होंने पीएम से मिलने का समय मांगा था और संयोग से उन्हें दस जून का समय दिया गया था और इसी बीच आठ जून को 24 परगना में हिंसा की घटना घट गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री उनसे घटना की जानकारी मांगते हैं तो वे इसे अवश्य देंगे क्योंकि उनके पास इस घटना की पूरी जानकारी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed