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राजनीति: पीएम मोदी के खिलाफ टीएमसी ने दर्ज कराई शिकायत, कहा- बांग्लादेश दौरे पर तोड़ी आचार संहिता

Tue, 30 Mar 2021 03:27 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Tue, 30 Mar 2021 03:27 PM IST
सार

  • बांग्लादेश में मतुआ समुदाय के मंदिर गए थे पीएम मोदी
  • टीएमसी का आरोप- मंदिर जाने से आचार संहिता टूटी

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West bengal assembly election tmc complaint about pm narendra modi in election commission for go to matua community temple during bangladesh visit
बांग्लादेश में मतुआ समुदाय के मंदिर में पीएम मोदी ने की थी पूजा। - फोटो : PTI

विस्तार

बांग्लादेश दौरे को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेर रही है। अब इस मामले को लेकर पार्टी के नेताओं ने चुनाव आयोग से शिकायत की है और पीएम मोदी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। टीएमसी का कहना है कि बांग्लादेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मतुआ समुदाय के मंदिर ओराकांडी गए थे, जिससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। टीएमसी ने पीएम मोदी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। 

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टीएमसी ने लगाया यह आरोप

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने साथ पश्चिम बंगाल से सांसद शांतनु ठाकुर को ले गए थे, जो किसी भी सरकारी पद पर नहीं हैं। टीएमसी का आरोप है कि बांग्लादेश के मंदिरों में जाने का एकमात्र मकसद मतदाताओं को प्रभावित करना था। 

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दो दिवसीय दौरे पर गए थे बांग्लादेश

गौरतलब है कि पीएम मोदी 26 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर बांग्लादेश गए थे। उस दौरान उन्होंने मतुआ समुदाय के मंदिर ओराकांडी का भी दौरा किया था। साथ ही, मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिश्चंद्र ठाकुर के जन्मस्थान पर भी गए थे। दरअसल, पीएम मोदी बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने मतुआ समुदाय के लोगों को संबोधित किया। साथ ही, एक शख्स से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा था कि किसी ने नहीं सोचा था कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री यहां आएगा और मतुआ समुदाय के मंदिर में पूजा करेगा।

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शिवसेना भी साध चुकी निशाना

बता दें कि पीएम मोदी की बांग्लादेश यात्रा पर शिवसेना भी निशाना साध चुकी है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश मुक्ति आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए 'ताम्रपत्र' दिया जाना चाहिए। बता दें कि पीएम मोदी ने कहा था कि बांग्लादेश मुक्ति आंदोलन का समर्थन करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। शिवसेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान पीएम मोदी को नेपाल के एक मंदिर में देखा गया था। वहीं, पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान पीएम मोदी बांग्लादेश के एक मंदिर पहुंच गए। यह संयोग नहीं है।

बंगाल में मतुआ समुदाय का असर कितना?

जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय की आबादी करीब 2 करोड़ है। माना जाता है कि इस समुदाय का प्रभाव बंगाल की करीब 50 सीटों पर है और यह समुदाय पश्चिम बंगाल चुनाव में वोटों के लिहाज से काफी मायने रखता है। ऐसे में मतुआ समुदाय के लोगों को लुभाने के लिए भाजपा, टीएमसी और अन्य राजनीतिक दल लगातार कोशिश कर रहे हैं।

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