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Bengal Polls 2021: सुरक्षा पर खास जोर, तैनात रहेंगी सशस्त्र बलों की 725 कंपनियां

Thu, 18 Mar 2021 11:06 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 18 Mar 2021 11:06 PM IST
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West Bengal Assembly Election 2021: 725 CAPF companies will be deployed to ensure safety
बंगाल विधानसभा चुनाव 2021: तैनात होंगी सीएपीएफ की 725 कंपनियां - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

आने वाले समय में देश में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में जो राज्य है वह है पश्चिम बंगाल। बंगाल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा हुआ है। नेताओं की रैलियों-जनसभाओं के दौर जारी हैं। इसी के साथ चुनाव के दौरान यहां सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। राज्य में आठ चरणों में होने वाले चुनाव के दौरान यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की करीब 725 कंपनियों की तैनाती की जाएगी। यह जानकारी गुरुवार को सीएपीएफ महानिदेशक कुलदीप सिंह ने दी। 

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देश के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल के 82 वें स्थापना वर्ष की पूर्व संध्या पर कुलदीप सिंह ने कहा कि 725 कंपनियों में से 495 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं। बाकी कंपनियां भी जल्द पहुंच जाएंगी। बता दें कि सीएपीएफ की एक कंपनी में करीब 72 कर्मचारी होते हैं। इस हिसाब से चुनाव के दौरान राज्य में सीएपीएफ के करीब 52,200 जवान तैनात रहेंगे। राजनीतिक हिंसा की घटनाओं के लिए कुख्यात पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इस लक्ष्य के साथ इतनी बड़ी संख्या में सीएपीएफ की तैनाती का फैसला लिया गया है।
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बता दें कि चुनावों के दौरान तैनात किए जाने के लिए सीआरपीएफ नोडल बल है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च से आठ चरणों में चुनाव होने जा रहे हैं। चुनावी राज्य में खतरों के आकलन के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, 'खतरों का आकलन इलाकों में राज्य प्राधिकारी कर रहे हैं और वे उसी आधार पर बल की तैनाती का फैसला करेंगे।' पश्चिम बंगाल कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा, 'हमने इस तरह का कोई आकलन नहीं किया है कि किस चरण का चुनाव अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।'
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'हम सहयोग देते हैं, खुफिया सूचना नहीं जुटाते'
उन्होंने कहा, 'हम राज्य प्राधिकारियों को सहयोग उपलब्ध कराते हैं ताकि चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न कराए जा सकें।' बता दें कि कुलदीप सिंह को हाल ही में सवा तीन लाख से अधिक कर्मचारियों वाले बल सीआरपीएफ का प्रमुख नियुक्त किया गया था। वह इस शीर्ष पद पर नियुक्त होने से पहले बल में विशेष महानिदेशक के तौर पर सेवा दे रहे थे।  सीआरपीएफ महानदेशक (डीजी) ने कहा, 'हम शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सहयोग उपलब्ध कराते हैं, खुफिया सूचना नहीं जुटाते।'


आठ चरणों में होंगे चुनाव, 27 मार्च को पहला
उन्होंने यह भी कहा कि अर्द्धसैनिक बल राज्य में 13 व्यक्तियों को वीआईपी सुरक्षा मुहैया कर रहे हैं। बता दें कि कोविड-19 महामारी को लेकर दूरी बनाए रखने संबंधी नियमों के कारण चुनाव आयोग ने राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1.1 लाख कर दी है। राज्य में आठ चरणों में होने जा रहे चुनाव में प्रत्येक चरण में औसतन 12,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। वहीं, मतगणना दो मई को की जाएगी। 

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