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Weather Update Today: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गति पकड़ी, इन राज्यों में है भारी बारिश का अनुमान
Tue, 05 Jul 2022 05:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 05 Jul 2022 05:54 PM IST
सार
आज दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होगी। सोमवार को दिल्लीवासी उमस से फिर बेहाल हुए, यदि आज बारिश हुई तो उन्हें राहत मिल सकती है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
देश के कई हिस्सों में अब झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है। अगले पांच दिनों में गुजरात, महाराष्ट्र के कोंकण और मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल भारी वर्षा की संभावना है। आज पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं हल्की तो कहीं तेज वर्षा हो सकती है।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली एनसीआर में मंगलवार के लिए 'येलो' अलर्ट और बुधवार के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। आज दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होगी। सोमवार को दिल्लीवासी उमस से फिर बेहाल हुए, यदि आज बारिश हुई तो उन्हें राहत मिल सकती है।
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मौसम विभाग के अनुसार 5 से 8 जुलाई तक देश के मध्य, पश्चिमी व उत्तर पश्चिमी राज्यों में झमाझम बारिश होगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मप्र, महाराष्ट्र और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है। वहीं, 7 और 8 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली में भारी वर्षा, 6 जुलाई को पश्चिम उत्तर प्रदेश, 4 से 8 जुलाई को पूर्वी राजस्थान और 5 से 8 जुलाई के बीच पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
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गुजरात में एनडीआरएफ अलर्ट
मौसम विभाग ने गुजरात में अगले पांच दिनों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में राष्ट्रीय आपदा राहत बल 'एनडीआरएफ' की टीमों को तैनात किया है। ये टीमें आणंद, नवसारी, गीर सोमनाथ, राजकोट, गांधीनगर, सूरत और बनासकांठा में तैनात की गई हैं।
मानसून देशभर में छाया, अच्छी वर्षा का इंतजार
दक्षिण पश्चिम मानसून देशभर में छा गया है। इसके प्रभाव से अनेक राज्यों में वर्षा हुई और हो रही है। पूर्वोत्तर, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पूर्वी मप्र में व्यापक वर्षा हुई। कई इलाकों में बाढ़ का भी सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब भी देश के कुछ हिस्सों में व्यापक और तेज वर्षा का इंतजार है। मौसम विभाग का अनुमान सटीक निकला तो अगले पांच दिनों में अब तक तेज वर्षा से वंचित इलाके भी तरबतर हो जाएंगे।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गति पकड़ी
मध्य भारत पर कम दबाव के क्षेत्र की सहायता से दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गति पकड़ ली है, जिससे इस क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए भरपूर बारिश हुई है। मौसम कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि मध्य भारत और पश्चिमी तट पर अगले पांच दिनों के लिए सक्रिय मानसून की स्थिति का अनुभव होगा, जबकि देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बुधवार से मौसमी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि मध्य प्रदेश के मध्य भागों पर कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव के तहत एक संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण और गुजरात से महाराष्ट्र तक एक अपतटीय ट्रफ रेखा इन क्षेत्रों के साथ-साथ तेलंगाना, केरल, तटीय कर्नाटक और ओडिशा में भी अगले पांच दिनों के लिए व्यापक बारिश का अनुमान लगाया गया है।
खरीफ फसलों की बुवाई धीमी
मौसम कार्यालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ दिनों में अच्छी बारिश ने देश के लिए संचयी घाटे को पिछले शुक्रवार को आठ प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने में मदद की है। दैनिक वर्षा पर आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश (-48 फीसदी), झारखंड (-42 फीसदी), केरल (-38 फीसदी), ओडिशा (-26 फीसदी), मिजोरम (-25 फीसदी), मणिपुर (-24 प्रतिशत) और और गुजरात (-22 प्रतिशत) में मॉनसून की कमी बनी हुई है। कृषि के मोर्चे पर खरीफ फसलों की बुवाई धीमी रही है क्योंकि किसानों ने 1 जुलाई तक 278.72 लाख हेक्टेयर खेती के तहत खेती की थी, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 294.42 लाख हेक्टेयर थी।
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि 2021 में 59.56 लाख हेक्टेयर की तुलना में 43.45 लाख हेक्टेयर में चावल बोया गया था, जो कि 16.11 लाख हेक्टेयर कम है। 2021 में 26.23 लाख हेक्टेयर की तुलना में 28.06 लाख हेक्टेयर में दलहन बोया गया है, जो 1.83 लाख हेक्टेयर अधिक है। 2021 में 50.36 लाख हेक्टेयर की तुलना में मोटे अनाज की खेती के कुल क्षेत्रफल में 46.34 लाख हेक्टेयर की गिरावट देखी गई है।