फिर बदलेगा मौसम का मिजाज: उत्तर पश्चिम भारत में चलेगी लू; मध्य दक्षिण क्षेत्र में वर्षा, ओलावृष्टि के आसार
इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखे जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम से लेकर पूर्वी भारत में गर्मी और तपिश लगातार बढ रही है। वहीं अगर मध्य और दक्षिण भारत की बात की जाए तो देश के इस हिस्से में आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश हो रही है। आइये जानते हैं देशभर में मौसम का पूर्वानुमान...
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विविधताओं से भरे भारत में मौसम के भी अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर पश्चिम से लेकर पूर्वी भारत में जहां लगातार पारा चढ़ रहा है और कई जगहों पर लू के आसार जताए गए हैं। वहीं, मध्य और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश हो रही है। ओले भी गिर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा से लेकर असम तक अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने आने वाले दो से तीन दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि की संभावना जताई है। वहीं, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत में 3 अप्रैल तक पारे के 5-7 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ने की संभावना है। गुजरात में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। बिहार में भी 2-3 डिग्री तक अधिकतम तापमान बढ़ सकता है और 3 अप्रैल के बाद इसमें कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आएगा। 3 अप्रैल तक मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण प्रायद्वीपीय और महाराष्ट्र में भी अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
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सौराष्ट्र और कच्छ में गर्म हवाएं चलने की संभावना
आईएमडी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय क्षेत्रों और सौराष्ट्र व कच्छ में गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई है। एक अप्रैल तक असम के कुछ हिस्सों में गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति रह सकती है। 3 अप्रैल तक त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल और माहे में भी अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के 126 मंडलों में रविवार को भी लू चलने की चेतावनी जारी की गई थी।
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आईएमडी के अनुसार, मध्य महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से 1-3 अप्रैल के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में आंधी, बिजली और तेज हवा (30-60 किमी प्रति घंटे की गति) के साथ छिटपुट से लेकर हल्की वर्षा होने की संभावना है। विदर्भ में 1 अप्रैल को, पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 अप्रैल को, 31 मार्च से 3 अप्रैल के दौरान महाराष्ट्र, 31 मार्च से 3 अप्रैल के दौरान गुजरात, 1-3 अप्रैल के दौरान केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना है।