कहीं भीषण गर्मी की मार, तो कहीं भारी बारिश ने किया बेहाल...जानिए देशभर का हाल
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देश के कई हिस्सों में जहां मॉनसून ने दस्तक दी है और झमाझम बारिश हो रही है वहीं, कई इलाके ऐसे हैं जहां अभी तक लोग बरसात की बाट जोह रहे हैं। मुंबई की बात करें तो यहां बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं तो उत्तरी भारत अभी भी तपती गर्मी में झुलसने को मजबूर है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है।
भारतीय मौसम विभाग के नरेश के मुताबिक, 'अगर आप उत्तर-पश्चिमी भारत को देखें, हमें उम्मीद है कि अगले 72 घंटों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्यप्रदेश के बारिश से बचे इलाकों में मॉनसून आगे बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में दो दिन बाद भारी बारिश के आसार हैं।'
Nraesh, IMD Delhi: If you look at northwest India, we're expecting that in Haryana, Chandigarh, Delhi even Himachal Pradesh, J&K and remaining MP, monsoon will make further advancement in next 72 hrs. UP & Himahcal Pradesh are likely to receive good rainfall activity after 2 days pic.twitter.com/KI97p5L4u6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 2, 2019
नरेश ने कहा कि अगले चार-पांच दिन में उत्तराखंड में भी अच्छी बारिश होगी। लेकिन, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट बारिश होने की ही संभावना है, लेकिन यहां हल्की से मध्यम बारिश ही होगी।
Naresh, IMD Delhi: Uttarakhand will also experience good rainfall activity in next 4-5 days. But Haryana, Chandigarh, Delhi will experience isolated to scattered rainfall at 25-50% stations, but there will only be light to moderate rainfall. https://t.co/gTBfnVb9vU
— ANI (@ANI) July 2, 2019
भीषण गर्मी की गिरफ्त में राजधानी
देश की राजधानी भीषण गर्मी की गिरफ्त में रही। शहर के कुछ हिस्सों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार यहां मंगलवार को बारिश दस्तर दे सकती है। दिल्ली जून में सबसे कम वर्षा वाला प्रदेश भी रहा। यहां सामान्य से 90 फीसदी कम बारिश हुई।
नई दिल्ली में 26 सालों में दूसरी बार जून बहुत अधिक गर्म रहा। इस महीने में यहां महज 6.6 मिलीमीटर बारिश हुई। औसतन शहर में जून में 64.1 मिलीमीटर वर्षा होती है। इस बार यहां बस 6.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। शहर में साल 1993 में महज पांच मिलीमीटर वर्षा ही हुई थी।
उत्तर प्रदेश में अब तक जोर नहीं पकड़ पाया मॉनसून
गर्मी के प्रकोप से यूं तो सभी परेशान हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में मॉनसून ने अब तक जोर नहीं पकड़ा है। यहां के सभी मंडलों में बारिश नहीं हुई है और लोग उमस भरी गर्मी का सामना करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि कुछ जगहों पर हुई छिटपुट बारिश ने गर्मी के थोड़ी निजात तो दिलाई लेकिन उसके बाद धूप निकलने और हवा न चलने से उमस बढ़ गई।
आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश हुई। इस दौरान कुंडा में सबसे ज्यादा तीन सेंटीमीटर बारिश हुई। केराकत में दो, लखनऊ, नीमसार, मुजफ्फरनगर, मोहम्मदाबाद, ज्ञानपुर, हमीरपुर, धामपुर, मउरानीपुर, हमीरपुर और इटावा में एक-एक सेंटीमीटर बारिश हुई।
जलमग्न हुई मायानगरी मुंबई
मुंबई में रविवार देर रात से लगातार हो रही भारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया है। सड़कों और इलाकों में पानी भरा होने के चलते एक ओर जहां बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर दफ्तर आने-जाने वाले लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने बताया कि मुंबई में तीन जुलाई से पांच जुलाई के बीच ‘बाढ़ का गंभीर खतरा’ है।
पिछले दो दिनों की वर्षा से वित्तीय राजधानी मुंबई ठहर सी गई। शहर में यातायात व्यवस्था एक तरह से ठप पड़ गई है। वाहन पानी में फंस रहे हैं, उन्हें निकालने के लिए धक्के लगाने पड़ रहे हैं, इस वजह से जाम भी लग रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यहां की परेशानी जल्द खत्म होने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने आसपास के इलाकों ठाणे और पालघर में दो, चार और पांच जुलाई को बेहद भारी बारिश की आशंका जाहिर की है।
नगर पालिका आयुक्त प्रवीण परदेशी ने बताया कि दो दिनों में 540 मिमी बारिश हुई जो पिछले एक दशक में दो दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति के पीछे जलवायु परिवर्तन और भौगोलिक घटना को जिम्मेदार ठहराया। मुंबई के महापौर विश्वनाथ महादेश्वर ने बताया कि कुछ इलाकों में जलभराव है लेकिन यह कहना गलत होगा कि भारी बारिश के बाद ‘बाढ़’ जैसी स्थिति है।
जम्मू में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
बात करें जम्मू-कश्मीर की तो जम्मू में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी और लू चलने के कारण लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर रहे। वहीं, पंजाब और हरियाणा में मौसम गर्म और उमस भरा रहा। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है।