Weather Report: क्या इस बार समय से पहले आ रहा है मानसून? दिल्लीवालों को जल्द मिलेगी भीषण गर्मी से राहत
अगले पांच दिनों में बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में छिटपुट बारिश हो सकती है। आने वाले कुछ दिनों पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड में बारिश की संभावनाएं हैं। अगले तीन दिनों के दौरान जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश की संभावनाएं हैं...
विस्तार
देश में भीषण गर्मी से परेशान हो रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने को लेकर कई हिस्सों में स्थिति अनुकूल बनी हुई है। पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बुधवार से बारिश की गतिविधियों में इजाफा होने के आसार हैं। हालांकि मौसम विभाग पहले ही बता चुका है कि इस बार मानसून में अधिक बारिश होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की तरफ से जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, कर्नाटक, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और केरल, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व के पूरे हिस्से में आगे बढ़ गया है। वहीं, अरब सागर, कर्नाटक, कोंकण और गोवा, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले दो-तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए स्थिति अनुकूल बनी हुई हैं। अगले पांच दिनों के दौरान केरल और लक्षद्वीप में हल्की या मध्यम बारिश, कर्नाटक में छिटपुट से व्यापक बारिश और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कारईकाल में छिटपुट बारिश के आसार हैं। साथ ही पांच दिनों के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड में बारिश की संभावनाएं हैं। अगले तीन दिनों के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है।
देशभर में बना मानसूनी सिस्टम
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, इस बार समय से मानसून आ जाएगा। जून से उत्तर भारत के क्षेत्रों में प्री मानसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी। अगले 2-3 दिनों के दौरान मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ भागों, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर पूर्वी राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। हरियाणा और आसपास के इलाकों में सर्कुलेशन निचले स्तर पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा हरियाणा पर बने चक्रवाती परिसंचरण से लेकर दक्षिण उत्तर प्रदेश, दक्षिण बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक फैली हुई है। वहीं बांग्लादेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
राजस्थान, एमपी के कुछ हिस्सों में चल सकती है लू
स्काईमेट वेदर के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी हिस्सों, केरल के कुछ हिस्सों, लक्षद्वीप, दक्षिण तटीय कर्नाटक, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। सिक्किम के 1-2 भागों में हल्की से मध्यम के साथ भारी बारिश संभव है।
शेष पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, दक्षिण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दक्षिण कोंकण और गोवा और मराठवाड़ा, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा कोंकण के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में लू चल सकती है।