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Summer: 123 साल में सबसे गर्म रहा अप्रैल, मई में 11 दिनों तक लू की संभावना; टूटा औसत न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड

Thu, 02 May 2024 06:07 AM IST
शिव शरण शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 02 May 2024 06:07 AM IST
सार

अप्रैल में पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में लंबे समय तक गर्मी और लू चलने की मुख्य वजह गरज के साथ होने वाली बारिश में कमी रही। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और भारत के निकटवर्ती पूर्वी तटों पर निचले स्तर पर बने चक्रवात रोधी परिस्थितियों की वजह से कम बारिश हुई।  

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Weather: April was hottest in 123 years, possibility of heat wave for 11 days in May
गर्मी से हाल हुआ बेहाल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

इस साल अप्रैल का महीना सबसे गर्म रहा। 1901 के बाद से पहली बार ऐसा हुआ कि देश के अधिकतर भागों में अप्रैल में सबसे अधिक दिनों तक लू चली। मई में भी प्रचंड गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली। इस महीने देश के ज्यादातर क्षेत्रों में पारा और चढ़ेगा और लू के दिन भी बढ़कर 11 दिन तक हो सकते हैं। हालांकि, 2023 को अब तक का सबसे गर्म साल माना जाता है।

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बुधवार को मई महीने के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अप्रैल के महीने में 5 से 7 और फिर 15 से 30 तारीख के बीच दो दौर में लू चली। औसत अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। महापात्र ने कहा कि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अप्रैल के महीने में औसत न्यूनतम तापमान 28.12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 1901 से दर्ज किए जा रहे तापमान में यह पहला मौका था कि इन क्षेत्रों में अप्रैल में इतना अधिक न्यूनतम तापमान रहा। उन्होंने यह भी बताया कि 1980 के दशक के बाद से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान आम हो गया है।
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महापात्र ने कहा कि दक्षिण राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में मई में करीब 8-11 दिनों तक लू चल सकती है। राजस्थान के शेष भाग, पूर्वी मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, आंतरिक ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में इस महाने 5-7 दिन लू चलने की संभावना है। आमतौर पर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और प्रायद्वीपीय भारत के आसपास के क्षेत्रों में मई में लगभग तीन दिन लू चलती है।
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कम बारिश से बढ़ी गर्मी
अप्रैल में पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में लंबे समय तक गर्मी और लू चलने की मुख्य वजह गरज के साथ होने वाली बारिश में कमी रही। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और भारत के निकटवर्ती पूर्वी तटों पर निचले स्तर पर बने चक्रवात रोधी परिस्थितियों की वजह से कम बारिश हुई। इस मौसमी घटना की वजह से समुद्र से आने वाली हवाएं अधिक दिनों तक ओडिशा और बंगाल की तरफ नहीं बहीं।

देशभर में मई में सामान्य बारिश का अनुमान
आईएमडी के मुताबिक, मई के महीने में सामान्य बारिश (दीर्घकालिक औसत के 91-109 फीसदी तक) होने का अनुमान है। उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों, प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। पांच सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत में अप्रैल के महीने में नियमित अंतराल पर आंधी-तूफानों के साथ बारिश और ओलावृष्टि होती रही।

ओडिशा, बंगाल में लू के सबसे अधिक दिन...महापात्र ने कहा कि इस अप्रैल में लू के दिनों की संख्या पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में 15 साल और ओडिशा में नौ साल में सबसे अधिक थी। 2016 के बाद ओडिशा में पहली बार अप्रैल के महीने में सबसे अधिक 16 दिनों तक लू चली।

सामान्य से ज्यादा रहेगा तापमान

  • आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल अप्रैल में 2023 की तुलना में कहीं अधिक दिन लू चली, जो अब तक का सबसे गर्म साल है।
  • देश के अधिकतर भागों में मई में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, लेकिन, पूर्वोत्तर भारत के अधिकतर इलाकों, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों और पूर्वोत्तर प्रायद्वीपीय भारत के आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान के सामान्य और सामान्य से कम ही रहने की उम्मीद है। 
  • पूर्वोत्तर भारत, उत्तर पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों, गंगा के मैदानी इलाकों और मध्य क्षेत्र को छोड़कर देश के अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा।


रोहतांग और किन्नौर में बर्फबारी, कुल्लू में बारिश
हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को रोहतांग और किन्नौर में बर्फबारी हुई और कुल्लू में जमकर बारिश हुई। लाहौल-कुल्लू में दिन भर मौसम खराब रहा। बर्फबारी के चलते जलोड़ी दर्रा में वाहनों की आवाजाही ठप रही। राजधानी शिमला समेत अन्य  क्षेत्रों में दिन भर धूप खिली रही। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार  और शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। साथ ही 4 और 5 मई से पश्चिमी विक्षोभ के फिर सक्रिय होने पर बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है।

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