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Hindi News ›   India News ›   We Wished Nawaz Sharif, Got Uri In Return: Sushma Swaraj's 10 Big Quotes

UN महासभा में सुषमा के भाषण की 10 खास बातें

Mon, 26 Sep 2016 08:50 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 26 Sep 2016 08:50 PM IST
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We Wished Nawaz Sharif, Got Uri In Return: Sushma Swaraj's 10 Big Quotes
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  • संयुक्त राष्ट्र की महासभा को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि पाक का मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा, जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।

 

  • पाकिस्तान अगर सोचता है कि भड़काऊ भाषण देकर वे कश्मीर को छीन लेगा तो वह ख्वाब देखना बंद करेँ।

 

  • उन्होंने सीधे कहा कि अगर कोई देश आतंकवाद के खिलाफ रणनीति में शामिल नहीं होना चाहता तो विश्व समुदाय को उसे अलग करना चाह्रिए। ऐसे देशों की विश्व समुदाय में कोई जगह नहीं होने चाहिए।
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  • उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पालना कुछ देशों का शौक है। आतंकवाद के शौकीन देशों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

 

  • सुषमा ने उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ की ओर से संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का जिक्र किए जाने का जोरदार जवाब दिया। सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होगा।
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  • उन्होंने कहा, जिनके घर शीशे के हों, वो दूसरों पर पत्थर न फेंके। बलूचिस्तान में क्या हो रह है। वहां यातना की प्रकाष्ठा है।

 

  • विदेश मंत्री ने कहा कि दो साल में मित्रता के साथ विवाद सुलझाने की कोशिश की गई। हमें बदले में क्या मिला, पठानकोट और उड़ी जैसा आतंकी हमला? बहादुर अली सीमापार से आतंकवाद का जीता जागता सबूत है।

 

  • सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान कह रहा है कि हमें भारत की शर्तें मंजूर नहीं। कौन सी शर्तें। पाक प्रधानमंत्री किन शर्तों की बात कर रहे हैं, हमने कब रखी शर्त हम शर्तं लगा रहे हैं या आप। क्या पीएम मोदी कोई शर्त लेकर लाहौर गए थे?  

 

  • हमने मित्रता का पैमाना खड़ा किया और हमें पठानकोट व उड़ी मिले।

 

  • हमारे पास बहादुर अली जिंदा सबूत हो कि वो सीमा पार से आया है। इस साल ढाका से उरी तक हुए हमले बताते हैं कि हम इन्हें रोकने में नाकाम रहे है।

 

  • आतंकवाद व्यक्ति या देश का नहीं मानवता का अपराधी है। आतंकवादियों को कौन धन देता है, सहारा देता है? हमें पुराने समीकरण त्यागने होंगे, मिलकर आतंकवाद का सामना करना होगा। यदि कोई देश इस रणनीति में शामिल नहीं होता तो उसे अलग-थलग करना होगा।

 

  • कुछ देश आतंकवाद ही बोते, उगाते, बेचते और निर्यात करते हैं। ऐसे देशों की पहचान सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करे।
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