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सुप्रीम कोर्ट ने कहा:  हम सीलबंद लिफाफे के न्यायशास्त्र मामले की करेंगे पड़ताल, गोपनीय दस्तावेज सौंपने का मामला 

Wed, 04 May 2022 09:57 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 04 May 2022 09:57 PM IST
सार

अदालत मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान यह मामला उठा। 

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We will investigate the jurisprudence case of sealed envelope says Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह सीलबंद लिफाफे के न्यायशास्त्र के मसले की पड़ताल करेगा, जिसके तहत सरकार और अभियोजन एजेंसियों द्वारा अदालत को सीलबंद लिफाफे में गोपनीय दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। एक मीडिया चैनल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ के समक्ष दलील दी कि सरकार और अभियोजन एजेंसियों द्वारा अपनाए गए सीलबंद लिफाफे के न्यायशास्त्र के मुद्दे पर अदालत के प्रामाणिक फैसला सुनाने का वक्त आ गया है। 

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उन्होंने कहा कि हाल ही में असम में गिरफ्तार गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी के मामले में भी कुछ सीलबंद लिफाफे में गोपनीय दस्तावेज गुवाहाटी हाई कोर्ट को सौंपे गए थे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि न्यायालय इस मसले पर कुछ प्रामाणिक निर्णय दे। इस पर पीठ ने कहा, हां, हां। हम निश्चित तौर पर इसकी पड़ताल करेंगे, लेकिन अभी केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है। आगामी ग्रीष्मावकाश के मद्देनजर हम उन्हें चार सप्ताह का समय देंगे। 
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अदालत मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ चैनल की अपील पर 26 मार्च तक विस्तृत जवाबी हलफनामा दायर करने का केंद्र सरकार को निर्देश दिया था। केंद्र सरकार ने मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे हाई कोर्ट ने बरकरार रखा था। इसके खिलाफ चैनल ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

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