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PM Modi Podcast: 'ट्रंप के साथ भरोसे का रिश्ता, रूस-यूक्रेन जंग का हल कूटनीति से'; चीन पर भी बोले पीएम मोदी
Sun, 16 Mar 2025 09:13 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 16 Mar 2025 09:13 PM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी ने लेक्स फ्रिडमैन के साथ अपने साक्षात्कार में भारत-चीन संबंधों में सुधार, वैश्विक शांति और सहयोग और अमेरिका के साथ विशेष रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपने संबंधों पर खुलकर बात की। पीएम मोदी ने भारत की संवाद बनाम टकराव नीति पर जोर दिया और दुनिया से भी इसी सोच को अपनाने का आग्रह किया।
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पीएम मोदी का लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट
- फोटो : PTI
विस्तार
अमेरिकी पॉडकास्ट होस्ट लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट में पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों पर भी चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उनके और ट्रंप के बीच आपसी विश्वास का एक मजबूत बंधन है। वहीं ट्रंप के दूसरे कार्यकाल पर बात करते हुए पीएम ने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के लिए पहले से ज्यादा तैयार और संगठित हैं। उन्होंने कहा- 'ट्रंप के पास एक स्पष्ट दृष्टिकोण और एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना है, जो उनके लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करेगी'। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में अमेरिका दौरे के दौरान उन्होंने ट्रंप की टीम से मुलाकात की, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, विवेक रामास्वामी और एलन मस्क जैसे लोग शामिल थे।
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'हाउडी मोदी' कार्यक्रम की यादें
पीएम मोदी ने सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को याद करते हुए कहा कि ट्रंप ने पूरी विनम्रता से दर्शकों के बीच बैठकर उनका भाषण सुना। 'यह अमेरिका के राष्ट्रपति की विनम्रता को दर्शाता है। वह दर्शकों के बीच बैठे और मेरा भाषण सुना, यह उनके शानदार व्यक्तित्व का परिचायक था'।
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जब ट्रंप ने सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर दिया साथ
इस दौरान पीएम मोदी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया कि कैसे उन्होंने ट्रंप से स्टेडियम में दर्शकों के बीच जाने का सुझाव दिया और ट्रंप ने बिना किसी झिझक तुरंत सहमति दे दी। इससे ट्रंप की पूरी सुरक्षा टीम चौंक गई थी, लेकिन ट्रंप मेरे साथ बिना किसी हिचकिचाहट के भीड़ में चल दिए। यह दिखाता है कि उनमें आत्मविश्वास और साहस है।
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'हाउडी मोदी' कार्यक्रम की यादें
पीएम मोदी ने सितंबर 2019 में ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को याद करते हुए कहा कि ट्रंप ने पूरी विनम्रता से दर्शकों के बीच बैठकर उनका भाषण सुना। 'यह अमेरिका के राष्ट्रपति की विनम्रता को दर्शाता है। वह दर्शकों के बीच बैठे और मेरा भाषण सुना, यह उनके शानदार व्यक्तित्व का परिचायक था'।
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जब ट्रंप ने सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर दिया साथ
इस दौरान पीएम मोदी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया कि कैसे उन्होंने ट्रंप से स्टेडियम में दर्शकों के बीच जाने का सुझाव दिया और ट्रंप ने बिना किसी झिझक तुरंत सहमति दे दी। इससे ट्रंप की पूरी सुरक्षा टीम चौंक गई थी, लेकिन ट्रंप मेरे साथ बिना किसी हिचकिचाहट के भीड़ में चल दिए। यह दिखाता है कि उनमें आत्मविश्वास और साहस है।
ट्रंप पर हमले के बाद भी उनका जज्बा बरकरार
पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप पर चुनावी अभियान के दौरान हुए हमले को लेकर भी टिप्पणी की। पीएम मोदी कहा- 'गोली लगने के बावजूद ट्रंप अपने देश के लिए डटे रहे। यह दिखाता है कि वह पूरी तरह से 'अमेरिका फर्स्ट' में विश्वास रखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे मैं 'इंडिया फर्स्ट' में विश्वास रखता हूं'। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक नेताओं को अक्सर मीडिया के नजरिए से ही देखा जाता है, जबकि वास्तविकता में वे अलग हो सकते हैं। पीएम ने कहा- 'अक्सर नेता एक-दूसरे से सही मायनों में मिलने का मौका नहीं पाते, जिससे गलतफहमियां बढ़ती हैं'।
A wonderful conversation with @lexfridman, covering a wide range of subjects. Do watch! https://t.co/G9pKE2RJqh
— Narendra Modi (@narendramodi) March 16, 2025
'बातचीत से ही निकलेगा रूस-यूक्रेन जंग का समाधान'
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि रूस-यूक्रेन जंग का समाधान तभी निकलेगा जब दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर बैठेंगे। युद्ध के मैदान पर कभी समाधान नहीं हो सकता। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेस्की के साथ के साथ अपने अच्छे संबंधों के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं राष्ट्रपति पुतिन के सामने बैठकर मीडिया से कह सकता हूं कि ये युद्ध का समय नहीं है। मैंने जेलेंस्की को भी एक मित्रभाव से कहा कि दुनिया कितनी ही आपके साथ खड़ी क्यों न हो जाए। परिणाम युद्ध भूमि पर नहीं बातचीत से ही निकलने वाला है।
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भारत और चीन करें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और चीन के बीच स्वस्थ और स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा की वकालत की है, ताकि मतभेद विवाद में न बदलें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इतिहासिक संबंध हैं और संवाद के माध्यम से किसी भी मुद्दे का हल निकाला जाना चाहिए। पीएम मोदी ने लेक्स फ्रिडमैन के साथ अपने पॉडकास्ट में भारत-चीन संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा, 'हमारा ध्यान इस बात पर है कि मतभेद कभी भी विवाद में न बदलें। टकराव की जगह संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।'
पीएम मोदी ने गलवां संघर्ष का किया जिक्र
इस दौरान पीएम मोदी ने साल 2020 में गलवां घाटी में हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान तनाव जरूर था, लेकिन हाल ही में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद हालात में सुधार हुआ है। पीएम मोदी ने आगे कहा- 'हमने सीमा पर शांति बहाल करने के लिए कड़े प्रयास किए हैं। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और हम चाहते हैं कि 2020 से पहले जैसी स्थिति वापस आ जाए'।प्रधानमंत्री ने भारत और चीन के ऐतिहासिक व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, 'दोनों देशों ने सदियों तक एक-दूसरे से सीखा है और एक समय में दोनों विश्व अर्थव्यवस्था के बड़े केंद्र थे।' उन्होंने प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप में लेने की बात कहते हुए कहा, 'प्रतिस्पर्धा कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन यह संघर्ष में नहीं बदलनी चाहिए।'
पीएम मोदी ने गलवां संघर्ष का किया जिक्र
इस दौरान पीएम मोदी ने साल 2020 में गलवां घाटी में हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान तनाव जरूर था, लेकिन हाल ही में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद हालात में सुधार हुआ है। पीएम मोदी ने आगे कहा- 'हमने सीमा पर शांति बहाल करने के लिए कड़े प्रयास किए हैं। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और हम चाहते हैं कि 2020 से पहले जैसी स्थिति वापस आ जाए'।प्रधानमंत्री ने भारत और चीन के ऐतिहासिक व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, 'दोनों देशों ने सदियों तक एक-दूसरे से सीखा है और एक समय में दोनों विश्व अर्थव्यवस्था के बड़े केंद्र थे।' उन्होंने प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप में लेने की बात कहते हुए कहा, 'प्रतिस्पर्धा कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन यह संघर्ष में नहीं बदलनी चाहिए।'