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Hindi News ›   India News ›   WCD minister Annapurna Devi Said Bengal failed to implement Centre's schemes to deal with crimes against women

WB: 'महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने को बनाईं केंद्र की योजनाएं...', केंद्रीय मंत्री का ममता सरकार पर हमला

Wed, 28 Aug 2024 01:26 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 28 Aug 2024 01:26 PM IST
सार

महिला एवं बाल विकास मंत्री देवी ने कहा कि यह विडंबना है कि यह देश का एकमात्र राज्य है, जहां एक महिला मुख्यमंत्री है और अभी भी राज्य में महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही है

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WCD minister Annapurna Devi Said Bengal failed to implement Centre's schemes to deal with crimes against women
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी। - फोटो : ani

विस्तार

पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में देशभर नाराजगी है। वहीं राज्य में हंगामा जारी है। तनाव भरे हालात बने हुए है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिलाओं की बिगड़ती स्थिति पर बात की। साथ ही उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों और आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में विफल रहने के लिए ममता बनर्जी सरकार की आलोचना की।

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यह विडंबना जिस राज्य की सीएम महिला, वहां...
महिला एवं बाल विकास मंत्री देवी ने कहा कि यह विडंबना है कि यह देश का एकमात्र राज्य है, जहां एक महिला मुख्यमंत्री है और अभी भी राज्य में महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्य हैं, जहां हम केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू कराने की कोशिश कर रहे हैं। मगर ऐसा नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार की योजनाएं हैं, जैसे फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें और पॉक्सो अदालतें, जो महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए बनाई गई हैं, लेकिन राज्य (पश्चिम बंगाल) इसमें पीछे है।
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केंद्र की योजनाओं को करना होगा लागू
उन्होंने कहा, 'हम योजना का खर्चा उठा रहे हैं ताकि आपको पैसा खर्च नहीं करना पड़े, लेकिन राज्य को इसे लागू तो करना होगा। हम महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के लिए राज्य को सुझाव दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल को आवंटित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें (एफटीएससी) राज्य में अभी तक चालू नहीं हुई हैं।'
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123 विशेष अदालतें खोली जानी हैं
मंत्री ने आगे कहा, '30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 409 विशेष पॉक्सो अदालतों समेत 752 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें (एफटीएससी) काम कर रही हैं। योजना शुरू होने के बाद से इन अदालतों ने 2,53,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल को 123 अदालतें आवंटित की गई थीं, जिसमें 20 पॉक्सो न्यायालय और 103 संयुक्त फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें जो दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम दोनों मामलों को संभालते थे। हालांकि, इनमें से कोई भी अदालत शुरू नहीं हुई है।'

आपातकालीन हेल्पलाइनों को लेकर भी राज्य की खिंचाई
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने प्रमुख आपातकालीन हेल्पलाइनों- महिला हेल्पलाइन (डब्ल्यूएचएल), आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) और चाइल्ड हेल्पलाइन को लागू नहीं करने के लिए भी राज्य की खिंचाई की। उन्होंने कहा कि ये सेवाएं हिंसा के पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन केंद्र द्वारा बार-बार याद दिलाए जाने के बावजूद पश्चिम बंगाल में इन्हें लागू नहीं किया। 




मंत्री की यह टिप्पणी कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद पश्चिम बंगाल में व्यापक प्रदर्शनों के बीच आई है।

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