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WBSSC Scam: पार्थ चटर्जी-अर्पिता मुखर्जी को 31 अगस्त तक की न्यायिक हिरासत, सुकन्या मंडल की भी मुश्किलें बढ़ी

Thu, 18 Aug 2022 07:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 18 Aug 2022 07:55 PM IST
सार

WBSSC Scam : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या मंडल को अदालत के समक्ष अपना टीईटी प्रमाणपत्र पेश करने का आदेश दिया है। इस संबंध में उनकी मार्कशीट भी मांगी गई है।

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WBSSC Scam Partha Chatterjee Arpita Mukherjee Judicial custody till August 31 Sukanya Mandal in trouble
SSC स्कैम में फंसे पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी (बाएं)। - फोटो : Social Media

विस्तार

WBSSC Scam : पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को SSC घोटाला मामले में 31 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इससे पहले बंगाल शिक्षक घोटाला मामले में पांच अगस्त को बैंकशाल की अदालत ने बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

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इसके अलावा कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या मंडल को अदालत के समक्ष अपना टीईटी प्रमाणपत्र पेश करने का आदेश दिया है। आगे की सभी सुनवाई के लिए इस संबंध में उनकी मार्कशीट भी मांगी गई है। सुनवाई की अगली तारीख एक सितंबर तय की गई है।
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हालांकि, मामले में सुकन्या मंडल को थोड़ी राहत भी मिली। न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने सुकन्या व अनुब्रत के पांच करीबियों को लेकर बुधवार को दिए गए अपने दोनों आदेशों को वापस ले लिया। उन्होंने सभी को गुरुवार को सशरीर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था। साथ ही टेट पास करने का प्रमाणपत्र व नियुक्ति पत्र पेश करने को कहा था।
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दूसरी ओर, अणुब्रत ने अपनी बेटी के टेट पास करने का दावा किया है। गुरुवार को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाए जाने के दौरान अणुब्रत ने उन पर लगाए गए आरोप का खंडन करते हुए कहा, उनकी बेटी ने परीक्षा पास की है और यह साबित करने के लिए उसके पास प्रमाणपत्र हैं।

23 जुलाई को किया गया था गिरफ्तार
ईडी ने 23 जुलाई को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। तब से ही वे ईडी की हिरासत में थे। ईडी का दावा है कि उसने मुखर्जी के आवासों से 49.80 करोड़ रुपये नकद, जेवरात और सोने की छड़ें बरामद की हैं। उसने दावा किया है कि एजेंसी को संपत्तियों और कंपनियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। दोनों को धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

17 नेताओं के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला
बंगाल में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के 19 नेता-मंत्रियों के बाद अब विरोधी दलों के 17 नेताओं के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर किया गया है। इनमें भाजपा, माकपा व कांग्रेस के नेता शामिल हैं। सूची में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष, बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, भाजपा सांसद लाकेट चटर्जी व विधायक अग्निमित्रा पाल, भाजपा प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य, भाजपा नेता सौमित्र खां, माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम व कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान समेत अन्य के नाम हैं। इस मामले पर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत में अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है।


टीएमसी के 19 नेताओं के खिलाफ भी याचिका दायर
इससे पहले बंगाल के सात वर्तमान मंत्रियों समेत तृणमूल के 19 नेताओं की संपत्ति पर सवाल उठाते हुए मामला दायर किया गया था। मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने इस मामले में ईडी को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। तृणमूल के जिन नेता-मंत्रियों की संपत्ति पर सवाल उठाया गया है, उनमें बंगाल के दो दिवंगत मंत्रियों सुब्रत मुखर्जी व साधन पांडे के भी नाम हैं।

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