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Wayanad Landslide: वायनाड भूस्खलन में अब तक 300 से अधिक मौतें, छठे दिन भी राहत व बचाव कार्य जारी; जानें सब कुछ

Sun, 04 Aug 2024 11:00 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड (केरल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड (केरल) Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 04 Aug 2024 11:00 AM IST
सार

केरल के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास का कहना है कि उत्तरी केरल के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में छठे दिन भी बचाव अभियान जारी रहेगा और उन स्थानों पर अधिक बल और उपकरण तैनात किए गए हैं, जहां शवों के बरामद होने की संभावना ज्यादा है।

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Wayanad landslides News and Updates Search operation enters Day Six
वायनाड में भूस्खलन के बाद बचाव और राहत कार्य - फोटो : PTI

विस्तार

केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अबतक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों चूरलमाला और मुंडक्कई में सेना का राहत व बचाव कार्य छठे दिन भी जारी है। अभी भी मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं, राज्य के तीन जिलों के लोगों के लिए जीवन रेखा रही चलियार नदी भूस्खलन के बाद से विनाश का प्रतीक बन गई है।

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केरल के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास का कहना है कि उत्तरी केरल के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में छठे दिन भी बचाव अभियान जारी रहेगा और उन स्थानों पर अधिक बल और उपकरण तैनात किए गए हैं, जहां शवों के बरामद होने की संभावना ज्यादा है।
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...और शवों के मिलने की संभावना
उन्होंने कहा कि वायनाड, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों से बहने वाली चलियार नदी के 40 किलोमीटर के हिस्से में खोज अभियान जारी रहेगा, क्योंकि मलप्पुरम में नीलांबुर के पास कई शव और अवशेष बरामद किए गए हैं। भूस्खलन से तबाह हुए मुंडक्कई और चूरलमाला इलाकों में बचाव अभियान पिछले कुछ दिनों की तरह ही जारी रहेगा और उन स्थानों पर अधिक बल और उपकरण तैनात किए जाएंगे, जहां शवों के मिलने की संभावना अधिक है।
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पुनर्वास के बारे में पीड़ितों के विचार जानेंगे: रियास
जो लोग प्राकृतिक आपदा से जिंदा बच गए हैं, उनके पुनर्वास के बारे में पर्यटन मंत्री ने कहा कि सभी के साथ चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'शिविरों और अस्पतालों में रह रहे लोगों के विचारों को प्राथमिकता दी जाएगी। मगर अभी चर्चा नहीं की जाएगी। इन सब पर बात तब होगी जब यह लोग बात करने की स्थिति में होंगे।' 

मंत्री ने कहा कि पहचान और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खो चुके लोगों की मदद के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया जाएगा। वहीं, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा किसी भी तरह से बाधित न हो, इसके लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

राज्य सरकार ने हाल ही में पीड़ितों के पुनर्वास के लिए एक नई टाउनशिप स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की है।

एक हजार से अधिक बल तैनात
केरल के वायनाड में खोज और बचाव अभियान छठे दिन भी जारी है। कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। वायनाड जिला कलेक्टर मेघश्री ने रविवार को बताया कि बचाव अभियान पूरे जोरों पर है। आज 1300 से अधिक बलों को तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा, 'बचाव अभियान जोर-शोर से चल रहा है। आज, 1,300 से अधिक बलों को तैनात किया है। स्वयंसेवक भी मौजूद हैं। कल बचाव अभियान के लिए गए स्वयंसेवक वहां फंस गए थे, आज हम सावधानी बरत रहे हैं ताकि ऐसा न हो।'

पीड़ितों के घरों की रखवाली के लिए पुलिस गश्त शुरू
इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि चूरलमाला और मुंडक्कई इलाकों में पुलिस की रात्रि गश्त शुरू की गई है। रात में पीड़ितों के घरों या क्षेत्रों में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें कहा गया है कि बचाव अभियान के उद्देश्य से पुलिस की अनुमति के बिना रात में कोई भी यहां के घरों और क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकता है।

300 के पार हुई मरने वालों की संख्या
वहीं, राज्य स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई में 30 जुलाई को हुए बड़े भूस्खलन में मरने वालों की संख्या शुक्रवार तक 308 है। नवीनतम अपडेट के अनुसार, 215 शव और 143 शरीर के अंग बरामद किए गए, जिनमें 98 पुरुष, 87 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि 212 शवों और 140 शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और रिश्तेदारों ने अब तक 148 शवों की पहचान कर ली है।

चलियार नदी का निर्मल पानी बना जानलेवा 
केरल के तीन जिलों के लोगों के लिए जीवन रेखा रही चलियार नदी 30 जुलाई को वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद विनाश का प्रतीक बन गई है। कई सदियों से 169 किलोमीटर लंबी नदी ने वायनाड, मलप्पुरम और कोझिकोड में अपने तट के किनारे रहने वालों के जीवन का पोषण किया है। अब, इसका शांत जल दुख के जलमार्ग में बदल गया है, जो आपदा में खोए लोगों के शवों को बहा रहा है।

पश्चिमी घाट में दो प्रमुख सहायक नदियों के संगम से बनने वाली नदी आपदा में जान गंवाने वाले अधिकांश पीड़ितों के शवों को अपने साथ ले गई है। नौसेना, पुलिस, दमकल एवं बचाव दल, एनडीआरएफ और स्थानीय निवासियों सहित विभिन्न एजेंसियों ने शनिवार को नदी से तीन और शव बरामद किए और शरीर के 13 हिस्से बरामद किए।

अधिकारियों के अनुसार, इन बरामदगी के साथ चलियार नदी में पाए गए शवों की कुल संख्या 73 और शरीर के अंगों की संख्या 132 हो गई है, जिससे कुल संख्या 205 हो गई है। वहीं, मलप्पुरम जिले के एक अधिकारी ने कहा, 'बरामद शवों में 37 पुरुष, 29 महिलाएं, तीन लड़के और चार लड़कियां शामिल हैं।' राज्य सरकार ने कहा है कि चलियार नदी के 40 किलोमीटर के हिस्से में तलाशी अभियान जारी रहेगा।

पुनर्वास के लिए मॉडल परियोजना तैयार की जाएगी: पी. राजीव
मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के द्वारा भूस्खलन से विस्थापित हुए लोगों के लिए पुनर्वास की घोषणा के एक दिन बाद राज्य के उद्योग मंत्री पी. राजीव ने रविवार को कहा कि इसके लिए एक मॉडल परियोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी क्षेत्रों से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हाथ मिलाने की अपील की। बागान मालिकों और प्रतिनिधियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए राजीव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी के समर्थन से एक सुरक्षित टाउनशिप परियोजना स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास परियोजना को सरकार के आपदा राहत कोष के जरिए लागू किया जाएगा। 

विजयन ने सिद्धारमैया से की मामले में हस्तक्षेप की मांग
केरल के मुख्यमंत्री ने आज ही तलाशी अभियान फिर से शुरू करने के लिए सिद्धारमैया से निजी रूप से हस्तक्षेप की मांग की। इससे पहले दोपहर में विजयन अर्जुन के घर गए और उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत की। बाद में एक फेसबुक पोस्ट में विजयन ने कहा कि अर्जुन को ढूंढने को लेकर परिवार की जो चिंता है, उससे कर्नाटक सरकार को अवगत कराया जाएगा। विजयन ने परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार हर मुश्किल में उनकी मदद करने के लिए मौजूद रहेगी। 


शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी
वायनाडु जिले में भूस्खलन राहत के लिए मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में दान के संबंध में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केरल सरकार ने रविवार को पैसे के उपयोग से जुड़े सवालों के समाधान के लिए एक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना की। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि वित्त विभाग में अस्थायी आधार पर प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। 

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