रेलवे पुल पर आया पानी तो सेंसर कर देगा आगाह
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प्रयोग के तौर पर पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) ने कुछ पुलों पर सेंसर लगाए हैं। उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद सहित दूसरे जोन भी इस तरह के सेंसर से अपने महत्वपूर्ण पुलों को लैस करेंगे। यह पहला मौका है कि जब रेलवे इस तरह के सेंसर का उपयोग कर रहा है।
सेंसर के जरिए जारी किए गए अलर्ट केवल उन्हीं अधिकारियों के पास पहुंचेंगे, जिनको सिस्टम के साथ रजिस्टर किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ विजय कुमार का कहना है कि निश्चित ही इस तकनीक से हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।
क्यों खास है ये सेंसर प्रणाली
सेंसर लगाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे में भी पुलों को चिह्नित किया जा रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ सुरेंद्र यादव ने कहा कि डब्ल्यूसीआर जोन में आने वाले कई पुलों में सेंसर लगाए गए हैं। कई अन्य ब्रिजों में लगाए जाने हैं।
उल्लेखनीय है कि चार अगस्त 2015 को पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल डिवीजन के हरदा - खंडवा सेक्शन में खिरकिया और भिरंगी स्टेशन के मध्य नदी में अचानक आई बाढ़ से पुलिया ढह गई थी। इससे इलाहाबाद - मुंबई रूट की कामायनी और मुंबई जनता एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में कई लोगों की जान गई थी और रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।
प्रयोग के तौर पर इटारसी-खंडवा सेक्शन सहित कई दूसरे सेक्शनों पर पश्चिम मध्य रेलवे ने सेंसर सिस्टम लगाने शुरू किए हैं। पिछले साल जहां हादसा हुआ था उस ब्रिज पर तत्काल प्रभाव से यह सेंसर लगा दिया गया है।