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दिल्ली में जलसंकट : एक महीने पानी की किल्लत से जूझेगी लुटियन नगरी, कैसे चलेगा संसद भवन क्षेत्र में माननीयों का काम

Sun, 14 Mar 2021 08:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 14 Mar 2021 08:46 PM IST
सार

  • दिल्ली सरकार की आपत्तियों के बाद भी अभी तक नहीं निकल सका है समाधान,
  • हरियाणा सरकार ने 25 मार्च से 24 अप्रैल तक जलापूर्ति प्रभावित होने की दी है जानकारी

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Water crisis in Delhi: Lutyens city will face water shortage for a month, honorables in the Parliament House area will also face problem
पानी को लेकर भिड़ी महिलाएं

विस्तार

पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार से ही पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  पानी के मामले में बड़ा खतरा सामने आ रहा है जब लुटियन दिल्ली में पानी की सप्लाई एक महीने तक बाधित हो सकती है। 

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नंगल हाइडल चैनल की मरम्मत होगी
हरियाणा सरकार ने 12 फरवरी को एक पत्र लिखकर दिल्ली सरकार को जानकारी दी है कि मरम्मत कार्य के कारण दिल्ली में 25 मार्च से लेकर 24 अप्रैल तक पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड इस दौरान नंगल हाइडल चैनल में मरम्मत कराएगा, जिसके कारण जलापूर्ति संभव नहीं हो पाएगी। अनुमान है कि इस कारण दिल्ली को लगभग एक चौथाई पानी नहीं मिल सकेगा। इससे दिल्ली में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच सकती है। इसमें लुटियन दिल्ली भी शामिल है, जहां संसद भवन व आसपास रहने वाले माननीय के बंगले भी हैं। 

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कितना होना चाहिए जलस्तर
एक स्थापित मानक के अनुसार यमुना नदी में वजीराबाद बैराज के पास जलस्तर 674.50 फीट होना चाहिए। इस समय यमुना में पानी की सप्लाई कम हो गई है, जिसके कारण इस जगह पर पानी का स्तर घटकर 670.40 फीट रह गया है।  दिल्ली सरकार का आरोप है कि यमुना में हरियाणा द्वारा बिना शोधित किया गया दूषित जल डाला जा रहा है, इसके कारण यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़कर 3.6 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) हो गई है। जल में पहले से ही ज्यादा अमोनिया होने के कारण दिल्ली के संयंत्रों में शोधन के बाद भी जल में अमोनिया की मात्रा ज्यादा रह जाने का अनुमान है, जिसे शोधित कर सामान्यतया 0.9 पीपीएम कर दिया जाता था। जल में अमोनिया की मात्रा बढ़ने से लोगों के स्वास्थ्य को भारी खतरा पैदा हो सकता है।
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दिल्ली को चाहिए कितना पानी
अनुमानतः दिल्ली में गर्मियों में 1150 एमजीडी पानी की मांग होती है। यह जलापूर्ति गंगा, यमुना, रावी-ब्यास नदियों के जल और भूमि के अंदर से पानी निकालकर पूरी की जाती है। इसमें 609 एमजीडी हरियाणा से, 250 एमजीडी ऊपरी गंगा नहर से और लगभग 90 एमजीडी भूजल से प्राप्त किया जाता है। 

टैंकर माफिया उठाते हैं लाभ
इन माध्यमों से भी दिल्ली की जल की आवश्यकता पूरी नहीं होती और इसका लाभ टैंकर माफिया उठाते हैं। वे बाहरी इलाकों से टैंकर लाकर लोगों को जल उपलब्ध कराते हैं और इसके बदले लोगों से पैसे वसूलते हैं। दिल्ली सरकार की अनेक कोशिशों के बाद भी यह अवैध काम अभी भी जारी है।


130 एमजीडी पानी की कमी
सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद हरियाणा दिल्ली को 609 एमजीडी पानी देता है। लेकिन इस समय वह केवल 479 एमजीडी पानी की आपूर्ति कर रहा है। इससे लगभग 130 एमजीडी पानी की कमी हो गई है। अन्य स्रोत से पानी सप्लाई में कमी के बाद यह 200 एमजीडी से अधिक हो सकती है, जिससे दिल्ली में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच सकती है।

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