'केंद्र का बजट या बिहार का?': विपक्ष ने सरकार पर अन्य राज्यों की अनदेखी का लगाया आरोप, पढें किसने क्या कहा
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मौजूदा वक्त में बिहार में जनता दल (यूनाईटेड) और भाजपा के गठबंधन वाली सरकार है। ऐसे में केंद्र द्वारा बिहार के लिए किए गए यह एलान अहम हैं।
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साल 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने शनिवार को आम बजट पेश किया। इस बार बजट में बिहार को कई बड़ी सौगातें दी गई हैं। इनमें मखाना बोर्ड का गठन, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता और आईआईटी पटना की क्षमता में विस्तार के अलावा कई अन्य बड़े एलान भी शामिल हैं। बजट में बिहार को खास तवज्जो देने के लिए विपक्ष केंद्र पर तंज कसा है। विपक्ष ने केंद्र इस साल के केंद्रीय बजट में बिहार के अलावा अन्य राज्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
बैसाखी को बरकरार रखने के लिए सरकार ने की अन्य राज्यों की अनदेखी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने केंद्र पर तंज कसते हुए कहा, 'मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि यह भारत सरकार का बजट था या यह बिहार सरकार का बजट था? क्या आपने केंद्रीय वित्त मंत्री के पूरे बजटीय भाषण में बिहार के अलावा किसी अन्य राज्य का नाम सुना?' आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार बैसाखी पर है। इस बैसाखी को बरकरार रखने के लिए सरकार ने अन्य राज्यों के विकास हित की अनदेखी की।
आगे जब उनसे बजट में कर छूट की घोषणाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कर प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना होगा। वित्त मंत्री ने कुछ दावे किए हैं; उन दावों पर गौर करना होगा।
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बजट को बताया किसान विरोधी
वहीं, शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी केंद्र सरकार पर किसानों और पंजाब के लोगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में राज्यों के नाम पर केवल बिहार का जिक्र था, जहां चुनाव होने जा रहे हैं। केवल बिहार, बिहार और बिहार। पंजाब का कोई जिक्र नहीं था। किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर पिछले चार साल से विरोध प्रदर्शन में बैठे हैं। यह किसान विरोधी बजट था। जो किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं उनकी बात नहीं सुनी गई, यह दुखद है।
'बिहार के लिए लॉलीपॉप की तरह यह बजट'
इस बीच, टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के लिए घोषणाओं का स्वागत किया, लेकिन विशेष पैकेज की घोषणा नहीं करने पर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बिहार के लिए लॉलीपॉप की तरह है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बिहार मेरी ताकत है और मुझे बिहार को लेकर किए गए एलान के बारे में अच्छा लगा, लेकिन यह चुनाव का समय भी है, तो क्या यह बिहार को आगे ले जाने वाला चुनावी बजट था? पहले बताए गए बड़े विशेष पैकेजों का क्या हुआ?... बिहार को ध्यान में रखते हुए यह बजट लॉलीपॉप जैसा लगता है... अब बात वेतनभोगी वर्ग की तो छूट 12 लाख की जगह 15 लाख होनी चाहिए थी।
बिहार के लिए किए गए बड़े एलान...
- मखाना बोर्ड: किसानों की आय बढ़ाने के लिए विज्ञान और तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
- ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। पटना एयरपोर्ट को विस्तार दिया जाएगा।
- पश्चिमी कोशी नहर परियोजना: बिहार के मिथिलांचल में पश्चिमी कोशी नहर परियोजना शुरू की जाएगी। इसके दायरे में 50 हजार हेक्टेयर का क्षेत्र आएगा।
- बिहार में नया संस्थान: बिहार में राष्ट्रीय फूड टेक्नोलॉजी संस्थान शुरू किया जाएगा। इससे पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलेगी।
- आईआईटी पटना: आईआईटी पटना में छात्रावास और एक अन्य बुनियादी ढांचा क्षमता के विस्तार का एलान किया गया।
जुलाई 2024 में पिछले बजट में क्या था?
जुलाई 2024 में पिछले बजट के दौरान, केंद्र ने बिहार के लिए कई बड़े उपायों की घोषणा की थी, जिनमें विभिन्न परियोजनाओं के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के कुल परिव्यय का प्रस्ताव था। इनमें तीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, एक बिजली संयंत्र, विरासत गलियारों और नए हवाई अड्डों और बुनियादी खेल ढांचे के लिए धन शामिल था।
इस साल के अंत में बिहार में होने हैं विधानसभा चुनाव
बता दें कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मौजूदा वक्त में बिहार में जनता दल (यूनाईटेड) और भाजपा के गठबंधन वाली सरकार है। ऐसे में केंद्र द्वारा बिहार के लिए किए गए यह एलान अहम हैं। इन्हें चुनाव से पहले जनता को अपने पक्ष में लुभाने के तौर पर देखा जा रहा है।