राम मंदिर निर्माण के लिए 25 नवंबर से देश भर में माहौल बनाएगी विहिप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से अगले वर्ष धर्म संसद में राम मंदिर निर्माण की तिथि का एलान किया जाना है। मंदिर निर्माण की तिथि की घोषणा के पूर्व विहिप देश भर में इसके लिए माहौल बनाएगी। इस जागरण की शुरूआत विहिप ने 25 नवंबर से किए जाने की घोषणा की है। यह निर्णय गुरुवार को विहिप की केसर भवन में आयोजित एक बैठक में लिया गया।
विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कहा गया कि भव्य मंदिर निर्माण में जो बाधा आ रही है, उससे हिंदू समाज में आक्रोश है। संतों और हिंदुओं ने तय किया है कि अब वे माननीय न्यायालय के फैसले का और इंतजार नहीं कर सकते। देश की सर्वोच्च पंचायत इस संबंध में फैसला करें, नहीं तो सड़क से संसद तक संघर्ष होगा।
प्रयागराज में अगले वर्ष 31 जनवरी को आयोजित धर्म संसद में संत समाज मंदिर निर्माण पर निर्णय लेंगे। 25 नवंबर से नौ दिसंबर तक देशभर में विहिप की ओर से सभाएं भी की जाएंगी। 29 नवंबर का प्रयागराज में विहिप के 20 हजार कार्यकर्ता जिला मुख्यालय के समक्ष संतों के मार्गदर्शन में सभा करेंगे।
राम मंदिर पर अपनी नीयत स्पष्ट करे केंद्र : शंकराचार्य
हरिद्वार में शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा है कि केंद्र सरकार राम मंदिर पर अपनी नीयत स्पष्ट करे। मंदिर निर्माण में पहले ही बहुत देर हो गई है। अधिक विलंब स्वीकार करने के लिए देश का जनमानस और संत समाज अब तैयार नहीं हैं।
जगद्गुरु शंकराचार्य गुरुवार को जगद्गुरु आश्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा से वार्ता के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी दी।
स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि देश का धर्मावलंबी समाज दशकों से राम मंदिर की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रधानमंत्री पद पर नरेंद्र मोदी के आने और अधिकांश राज्यों में हिंदू समर्थक सरकार बनने के बावजूद मंदिर निर्माण नहीं हो सका।
महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है: महेश शर्मा
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने भूपतवाला स्थित भूमा निकेतन पहुंचकर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज से मुलाकात की। डॉ. शर्मा ने कहा कि महाकुंभ पर्व को विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन मानते हुए यूनेस्को ने भी अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी है।
कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि सप्तसरोवर मार्ग स्थित सभी गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण समय रहते किया जाए। राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब किसी भी हाल में राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए।