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विश्व हिंदी सम्मेलन 2023 : आयोजन पर खड़े हुए सवाल, सरकारी प्रतिनिधिमंडल की जानकारी देने से बच रही सरकार
Wed, 22 Feb 2023 06:22 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 22 Feb 2023 06:22 PM IST
सार
सम्मेलन खत्म हुए पांच दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अब तक विदेश मंत्रालय की ओर से लॉन्च की गई विश्व हिंदी सम्मेलन की वेबसाइट पर सरकारी प्रतिनिधिमंडल की जानकारी नहीं अपडेट की गई है।
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विश्व हिंदी सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फिजी में 15 से 17 फरवरी तक आयोजित हुए विश्व हिंदी सम्मेलन 2023 को लेकर विवाद शुरू हुआ हो गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने अपने खर्च पर 250 से ज्यादा लोगों को सरकारी प्रतिनिधिमंडल बनाकर भारत से फिजी भेजा था। इन लोगों को इस सम्मेलन में शामिल कराया गया। लेकिन अब सरकार इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों की जानकारी देने से बच रही है। सम्मेलन खत्म हुए पांच दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अब तक विदेश मंत्रालय की ओर से लॉन्च की गई विश्व हिंदी सम्मेलन की वेबसाइट पर सरकारी प्रतिनिधिमंडल की जानकारी नहीं अपडेट की गई है। उधर, मंत्रालय से जुड़े एक अफसर का कहना है कि जल्द ही इसे अपडेट कर दिया जाएगा।
इस बार फिजी में आयोजित हुआ था सम्मेलन
दरअसल, हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल केंद्र सरकार विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन करती है। 1975 में पहली बार इसका आयोजन नागपुर में हुआ था। भारत के अलावा ये सम्मेलन मॉरिशस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, ब्रिटेन, सूरीनाम, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका में भी आयोजित हो चुका है। इस बार 12वां विश्व हिंदी सम्मेलन फिजी में हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय 'हिन्दी : पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम मेधा तक' था। इसमें हिंदी भाषा के तमाम जानकार और चाहने वाले जुटे थे। भारत सरकार ने भी 250 से ज्यादा पत्रकारों, साहित्यकारों व हिंदी भाषा के जानकारों को इस सम्मेलन के लिए भेजा था।
अब तक अपडेट नहीं हुई जानकारी
विवाद इस बात को है कि सरकार ने अब तक सरकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराई है, जिन्हें फिजी ले जाया गया था। इसको लेकर तमाम साहित्यकारों, शिक्षाविदों ने सवाल उठाए हैं। सबका कहना है कि अगर सरकार ने पारदर्शी तरीके से प्रतिनिधिमंडल का चयन किया था, तो अब तक इनकी जानकारी क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है? जबकि सरकार को सम्मेलन से पहले ही ये सारी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध करा देनी चाहिए थी।
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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
सरकारी प्रतिनिधिमंडल की सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध न होने पर हमने विदेश मंत्रालय के उपनिदेशक (राजभाषा) बिनोद कुमार से बात की। उन्होंने कहा, 'ये काफी बड़े स्तर पर सम्मेलन हुआ है। सरकारी प्रतिनिधिमंडल में शामिल 250 से 260 लोग इस सम्मेलन में शिरकत करने गए थे। फिजी में कार्यक्रम करवाने के बाद हमारी टीम आज ही वापस आई है। एक दो दिनों में सभी जानकारी वेबसाइट पर अपडेट कर दी जाएगी।'
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इस बार फिजी में आयोजित हुआ था सम्मेलन
दरअसल, हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल केंद्र सरकार विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन करती है। 1975 में पहली बार इसका आयोजन नागपुर में हुआ था। भारत के अलावा ये सम्मेलन मॉरिशस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, ब्रिटेन, सूरीनाम, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका में भी आयोजित हो चुका है। इस बार 12वां विश्व हिंदी सम्मेलन फिजी में हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय 'हिन्दी : पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम मेधा तक' था। इसमें हिंदी भाषा के तमाम जानकार और चाहने वाले जुटे थे। भारत सरकार ने भी 250 से ज्यादा पत्रकारों, साहित्यकारों व हिंदी भाषा के जानकारों को इस सम्मेलन के लिए भेजा था।
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अब तक अपडेट नहीं हुई जानकारी
विवाद इस बात को है कि सरकार ने अब तक सरकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराई है, जिन्हें फिजी ले जाया गया था। इसको लेकर तमाम साहित्यकारों, शिक्षाविदों ने सवाल उठाए हैं। सबका कहना है कि अगर सरकार ने पारदर्शी तरीके से प्रतिनिधिमंडल का चयन किया था, तो अब तक इनकी जानकारी क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है? जबकि सरकार को सम्मेलन से पहले ही ये सारी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध करा देनी चाहिए थी।
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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
सरकारी प्रतिनिधिमंडल की सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध न होने पर हमने विदेश मंत्रालय के उपनिदेशक (राजभाषा) बिनोद कुमार से बात की। उन्होंने कहा, 'ये काफी बड़े स्तर पर सम्मेलन हुआ है। सरकारी प्रतिनिधिमंडल में शामिल 250 से 260 लोग इस सम्मेलन में शिरकत करने गए थे। फिजी में कार्यक्रम करवाने के बाद हमारी टीम आज ही वापस आई है। एक दो दिनों में सभी जानकारी वेबसाइट पर अपडेट कर दी जाएगी।'