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Visa Scam: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 12 जुलाई तक नहीं करेंगे कोई कार्रवाई, ईडी ने हाईकोर्ट को दिया आश्वासन
Fri, 24 Jun 2022 07:35 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 24 Jun 2022 07:35 PM IST
सार
कार्ति और ईडी के अनुरोध पर अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 12 जुलाई को सूचीबद्ध किया है। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने मौखिक रूप से अदालत को आश्वासन दिया कि 12 जुलाई तक कुछ नहीं होगा।
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कार्ति चिदंबरम
- फोटो : SELF
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि कथित चीनी वीजा घोटाले में कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर जब तक सुनवाई नहीं होगी तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
जस्टिस जसमीत सिंह ने सुनवाई की अगली तारीख से पहले ईडी को मामले पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है। कार्ति और ईडी के वकील के अनुरोध पर कोर्ट ने मामले को 12 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
कार्ति और ईडी के अनुरोध पर अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 12 जुलाई को सूचीबद्ध किया है। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने मौखिक रूप से अदालत को आश्वासन दिया कि 12 जुलाई तक कुछ नहीं होगा।
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उन्होंने कहा, "मैं बयान नहीं दूंगा लेकिन समझा जाता है कि तब तक कुछ नहीं होगा। मेरी समझ 12 (जुलाई) तक की है।" उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी की कोई आशंका नहीं है।
कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से सुनवाई की अगली तारीख तक कार्ति को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने का अनुरोध किया।
कार्ति ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले निचली अदालत ने तीन जून को इस आधार पर उनकी याचिका को खारिज कर दिया था कि अपराध बहुत गंभीर प्रकृति का है।
ईडी ने कार्ति और अन्य के खिलाफ 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से संबंधित कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था, तब उनके पिता पी. चिदंबरम गृहमंत्री थे।
ईडी ने कहा है कि जांच के दौरान मामले में संसाधित या लॉन्ड्री की गई राशि की वास्तविक मात्रा का पता लगाया जना बाकी है और सीबीएल मामले में पचास लाख रुपये की रिश्वत राशि को आधार नहीं माना जा सकता है।
एजेंसी ने इसी मामले में सीबीआई की हालिया एफआईआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के प्रावधानों के तहत अपना मामला दर्ज किया है।
ईडी ने पहले अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह एक कल्पना के आधार पर आवेदन नहीं कर सकती है जो उनकी गिरफ्तारी की कोई वास्तविक आशंका नहीं दिखाता है।
जांच एजेंसी ने कहा था कि आवेदन समय से पहले हैं क्योंकि इस मामले में अभी जांच शुरू नहीं हुई है और यहां तक कि कार्ति को अभी तक समन नहीं किया गया है।
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जस्टिस जसमीत सिंह ने सुनवाई की अगली तारीख से पहले ईडी को मामले पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है। कार्ति और ईडी के वकील के अनुरोध पर कोर्ट ने मामले को 12 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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कार्ति और ईडी के अनुरोध पर अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 12 जुलाई को सूचीबद्ध किया है। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने मौखिक रूप से अदालत को आश्वासन दिया कि 12 जुलाई तक कुछ नहीं होगा।
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उन्होंने कहा, "मैं बयान नहीं दूंगा लेकिन समझा जाता है कि तब तक कुछ नहीं होगा। मेरी समझ 12 (जुलाई) तक की है।" उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी की कोई आशंका नहीं है।
कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से सुनवाई की अगली तारीख तक कार्ति को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने का अनुरोध किया।
कार्ति ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले निचली अदालत ने तीन जून को इस आधार पर उनकी याचिका को खारिज कर दिया था कि अपराध बहुत गंभीर प्रकृति का है।
ईडी ने कार्ति और अन्य के खिलाफ 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से संबंधित कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था, तब उनके पिता पी. चिदंबरम गृहमंत्री थे।
ईडी ने कहा है कि जांच के दौरान मामले में संसाधित या लॉन्ड्री की गई राशि की वास्तविक मात्रा का पता लगाया जना बाकी है और सीबीएल मामले में पचास लाख रुपये की रिश्वत राशि को आधार नहीं माना जा सकता है।
एजेंसी ने इसी मामले में सीबीआई की हालिया एफआईआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के प्रावधानों के तहत अपना मामला दर्ज किया है।
ईडी ने पहले अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह एक कल्पना के आधार पर आवेदन नहीं कर सकती है जो उनकी गिरफ्तारी की कोई वास्तविक आशंका नहीं दिखाता है।
जांच एजेंसी ने कहा था कि आवेदन समय से पहले हैं क्योंकि इस मामले में अभी जांच शुरू नहीं हुई है और यहां तक कि कार्ति को अभी तक समन नहीं किया गया है।