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गणतंत्र दिवस पर हिंसा: सरकार ने कहा- आक्रामक थे किसान, बल प्रयोग के अलावा चारा नहीं था

Tue, 02 Feb 2021 10:31 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 02 Feb 2021 10:31 PM IST
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Violence on Republic Day: The government said - farmers were aggressive, there was no choice but to use force
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी - फोटो : ANI

केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने ‘दंगे, आपराधिक बल और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आक्रमक ढंग से सहारा’ लिया। किसानों के आक्रामक होने से दिल्ली पुलिस ने लाचार होकर बल प्रयोग किया। 

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दिल्ली पुलिस के पास 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, वॉटर कैनन और हल्के बल का इस्तेमाल करने के अलावा कोई भी विकल्प नहीं बचा था।  गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसान शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं और कोविड-19 महामारी के बीच बिना मास्क के बड़ी संख्या में एकत्र हुए।
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रेड्डी ने कहा कि जहां तक दिल्ली का सवाल है तो पुलिस ने सूचित किया है कि सितंबर-दिसंबर, 2020 के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ 39 मामले दर्ज किए गए। मंत्री के बयान से यह भी स्पष्ट है कि ये 39 मामले 26 जनवरी को हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संदर्भ में दर्ज मामलों से अलग हैं। रेड्डी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से सूचित किया गया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान आत्महत्या का एक मामला दर्ज किया गया। 
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कटीले तारों पर सवाल से पुलिस कमिश्नर हैरान
उधर, किसानों के धरना स्थलों-गाजीपुर, टीकरी और सिंघु- पर लगाए जा रहे कीलों, कटीले तारों, बैरिकेड्स लगाए जाने पर उठ रहे सवालों को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि मैं आश्चर्यचकित हूं कि जब 26 जनवरी को ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया गया और बैरिकेड्स को तोड़ा गया था, तब कोई सवाल क्यों नहीं पूछा गया? हमें अब क्या करना चाहिए? हमने बैरिकेड्स इसलिए लगाए हैं, ताकि दोबारा इसे तोड़ा न जा सके। 

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