फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vijayadashami: RSS chief Mohan Bhagwat addressing Sangh workers

RSS Foundation Day: हिंदुओं को बल संपन्न और संगठित होने की जरूरत, यही सभी समस्याओं का समाधान

Fri, 15 Oct 2021 09:06 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 15 Oct 2021 09:06 AM IST
सार

संघ प्रमुख ने कहा कि दुर्बलता ही कायरता को जन्म देती है। बल, शील, ज्ञान तथा संगठित समाज को ही दुनिया सुनती है। सत्य तथा शान्ति भी शक्ति के ही आधार पर चलती है। जागरुक, संगठित, बलसंपन्न व सक्रिय हिंदू समाज ही सब समस्याओं का समाधान है। 
 

विज्ञापन
Vijayadashami: RSS chief Mohan Bhagwat addressing Sangh workers
संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 96वें स्थापना दिवस पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है, कुछ कट्टरपंथी लोग देश को बांटने का काम कर रहे हैं। इसलिए हिंदुओं को बल संपन्न और संगठित होने की जरूरत है और यही सभी समस्याओं का हल भी है। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या असंतुलन बड़ी समस्या बन रहा है। सीमावर्ती राज्यों में घुसपैठ से आबादी बढ़ रही है। इसके अलावा उन्होंने नाम लिए बिना ड्रग्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सरकार को भी नसीहत दे डाली।नागुपर में हुए इस कार्यक्रम में इजरायल के राजनयिक कोब्बी शोशानी भी पहुंचे

विज्ञापन


भयमुक्त होना होगा, दुर्बलता ही कायता को जन्म देती 
संघ प्रमुख ने कहा कि आज हिंदुओं के मंदिरों की जमीनों को हड़पा जा रहा है। इसलिए यह जरूरी है कि हिंदू मंदिरों का संचालन हिंदू भक्तों के ही हाथों में रहे तथा मंदिरों की सम्पत्ति का उपयोग हिंदू समाज की सेवा में ही हो। इसके लिए हमें सब प्रकार के भय से मुक्त होना होगा। दुर्बलता ही कायरता को जन्म देती है। बल, शील, ज्ञान तथा संगठित समाज को ही दुनिया सुनती है। सत्य तथा शान्ति भी शक्ति के ही आधार पर चलती है। 'ना भय देत काहू को, ना भय जानत आप...' ऐसे हिन्दू समाज को खड़ा करना पड़ेगा। जागरुक, संगठित, बलसंपन्न व सक्रिय समाज ही सब समस्याओं का समाधान है। 
विज्ञापन


घुसपैठ से बढ़ रहा जनसंख्या असंतुलन
संघ प्रमुख ने कहा कि घुसपैठियों के कारण जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है। खास तौर पर सीमावर्ती राज्यों में आबादी असंतुलित हो गई है। इसलिए जनसंख्या नीति पर विचार होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 से 2011 के बीच जससंख्या वृद्धि दर में भारी अंतर के कारण देश की जनसंख्या में जहां भारत में उत्पन्न मत पंथों के अनुयायियों का अनुपात 88 प्रतिशत से घटकर 83.8 प्रतिशत रह गया है। वहीं मुस्लिम जनसंख्या का अनुपात 9.8 से बढ़कर 14.23 प्रतिशत हो गया है। इसलिए घुसपैठ पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। सरकार को जनसंख्या नीति बनानी चाहिए और सभी वर्ग के लोगों के लिए लागू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनआरसी से घुसपैठियों की पहचान होनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कश्मीर में बढ़ रही टारगेट किलिंग 
कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद आम लोगों को फायदा हुआ है। वहां आतंकी अपने डर के कारण टिके हुए थे, लेकिन 370 हटने के बाद वह डर खत्म हो गया है। इसलिए आतंकियों ने मनोबल गिराने के लिए फिर से 90 के दशक की टारगेट किलिंग शुरू की है, लेकिन अब लोग डरने वाले नहीं हैं। प्रशासन को चुस्ती से इसका बंदोबस्त करना पड़ेगा। 

ड्रग्स से देश को मुक्त कराने का प्रयास हो 
संघ प्रमुख ने कहा कि नई पीढ़ी में नशीले पदार्थ खाने की आदत बढ़ रही है। उच्च से निम्न स्तर तक व्यसन है। इसलिए ड्रग्स से देश को मुक्त कराने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा बढ़ी है। बच्चों के हाथ में मोबाइल हैं। ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण नहीं रह गया है। सरकार को ओ.टी.टी. के लिए सामग्री नियामक ढांचा तैयार करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

कोरोना के खिलाफ गांवों में टोली तैयार 
भागवत ने कहा कि भारत ने कोरोना के प्रति सबसे अच्छे तरीके से प्रतिकार किया है। पहली लहर भारत में कोई खास असर नहीं दिखा पाई थी, लेकिन दूसरी ने कई लोगों को हमसे छीन लिया। अब तीसरी लहर की भी आशंका है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने गांव-गांव में युवाओं की टोली को प्रशिक्षित किया है, जिससे वे तीसरी लहर में देश की मदद कर पाएं।

राज्यों के बीच तालमेल होना जरूरी 
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। राज्य आपस में लड़ रहे हैं, पुलिस आपस में लड़ रही है। इसलिए राज्यों के बीच तालमेल होना जरूरी है। पर्व, त्योहार पर मेलजोल बढ़ना चाहिए। 


अब तक नहीं गई टीस 
मोहन भागवत ने कहा कि  आजादी के बाद विभाजन का दर्द मिला। विभाजन की टीस अब तक नहीं गई है। हमारी पीढ़ियों को इतिहास के बारे में जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने आगे की पीढ़ी को बता पाएं कि देश के लिए बलिदानियों की आकाश गंगा चली आ रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed