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कांग्रेस का दांव उल्टा पड़ेगा, हम 150 सीटें जीतेंगे: विजय रुपाणी
अतुल सिन्हा, गांधीनगर
Updated Thu, 23 Nov 2017 09:31 PM IST
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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी
पाटीदार नेताओं का असली चेहरा सामने आने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की आंखों में एक खास किस्म की चमक दिखती है। उनका दावा है कि कांग्रेस ने जिस तरह अपना पिछलग्गू चरित्र दिखाया है, इससे उसका दांव उल्टा पड़ने वाला है। पहले से कहीं ज्यादा मजबूती से उभरने का दावा करने वाले गुजरात के सीएम विजय रुपाणी का कहना है कि नरेंद्र मोदी की कमी गुजरात की जनता को जरूर खल रही है लेकिन उन्होंने पिछले 15 महीनों में जो किया है, जनता उसे जानती और समझती है। अमर उजाला के साथ खास बातचीत करते हुए विजय रुपाणी ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बारे में लोगों को गुमराह करने की कोशिशें काम नहीं आने वाली और आम जनता इसके दूरगामी फायदे समझ चुकी है।
सवाल – भाजपा का दावा तो इस बार 150 सीटें जीतने का है, लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और दिखती है। आप ये दावा किस आधार पर कर रहे हैं?
जवाब – ये सिर्फ हमारा दावा नहीं है, बल्कि यह हकीकत है। हम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं और गुजरात की जनता जानती है कि भाजपा के अलावा किसी भी पार्टी में इतनी ताकत नहीं है जो सरकार बनाने के बारे में सोच भी सके। सभी इलाके और सभी वर्ग के लोग हमारे साथ हैं। जो लोग एंटी इनकमबेंसी की बात करते हैं और सरकार के बारे में आधारहीन प्रचार करते हैं, जनता उन्हें समझ चुकी है। भाजपा नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और अमित भाई की मेहनत की बदौलत इस बार 150 से भी ज्यादा सीटें हासिल करने वाली है।
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सवाल – किसान और व्यापारियों में जिस तरह भाजपा को लेकर गुस्सा दिख रहा है, क्या उसका असर चुनाव में पड़ेगा?
जवाब – जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसलों से व्यापारी वर्ग की चिंता खत्म हो गई है और वो हमारे साथ हैं। किसानों के लिए हमारी सरकार ने जितना कुछ किया है और जिस तरह गुजरात में केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं को लागू किया गया है, उससे अब किसी में कोई नाराजगी नहीं है। ऐसा भ्रम फैलाया जा रहा है लेकिन असलियत कुछ और है।
सवाल – पाटीदारों की नाराजगी का असर कितना होगा... क्या कांग्रेस को फायदा नहीं होगा?
जवाब – कांग्रेस को उसी का दांव उल्टा पड़ने वाला है। वो जिस तरह हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश की पिछलग्गू बन गई, उससे उसने अपने आप को और कमजोर कर लिया है। इन नेताओं का असली चेहरा और चरित्र सामने आ गया है। और जिस तरह टिकट के लिए ये लड़ रहे हैं, उससे साफ है कि अनामत की बात केवल एक दिखावा है। कांग्रेस ने उन लड़कों के सामने सरेंडर कर दिया है और वो पहले से भी कमजोर हो गई है।
सवाल – राहुल गांधी ने हाल के दिनों में बहुत मेहनत की है। आप कैसे देखते हैं?
जवाब – राहुल पिछले कुछ समय से गुजरात में रहे हैं, लेकिन जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। वो लोगों के सामने गलत तथ्य रखते हैं। जनता ये समझ चुकी है और हम समय-समय पर उनके आरोपों और गलत तथ्यों का जवाब भी देते हैं। दूसरे उन्होंने यहां इन तीन लड़कों के साथ मिलकर अपनी हालत और खराब कर ली है।
सवाल – शंकर सिंह वाघेला ने भी अपनी अलग पार्टी बनाई है और उनका दावा है कि उनके लोग गुजरात को एक विकल्प देने का रास्ता खोल देंगे?
जवाब – अब ये तो नतीजे बताएंगे, लेकिन वाघेला जी कांग्रेस का ही नुकसान कर रहे हैं। हमें तो हर तरफ से कांग्रेस की ही हालत खस्ता होती हुई दिख रही है और जाहिर है इन तमाम कारणों से हमारी सीटें और ज्यादा बढ़ेंगी।
सवाल – आपके खिलाफ भी कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। राजकोट में आपके खिलाफ कांग्रेस ने जिस उम्मीदवार को उतारा है, क्या आप उसे चुनौती के तौर पर देखते हैं?
जवाब – जनता ये समझ चुकी है कि अब मसल और मनी पावर के बल पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। वो भले ही खूब पैसा बहाए, प्रचार में पूरी ताकत लगा दे, लेकिन राजकोट की जनता जानती है कि वहां के लिए किसने क्या किया है। वैसे भी 1985 से वहां भाजपा ही रही है और लोग कांग्रेस के बारे में सोचते तक नहीं। मेरे खिलाफ किसी भी आरोप में कोई दम नहीं है और चुनाव के वक्त बेबुनियाद आरोप लगते रहते हैं।
सवाल – क्या केशुभाई और आनंदीबेन प्रचार में उसी उत्साह के साथ पार्टी के साथ हैं... अमित शाह की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर कार्यकर्ताओं में जो नाराजगी दिखती है, क्या उसका नुकसान होगा?
जवाब – मैंने नामांकन भरने से पहले केशुभाई का आशीर्वाद लिया। अब उनकी उम्र हो गई है और स्वास्थ्य सही नहीं रहता इसलिए चुनाव प्रचार में उनका सक्रिय होना मुश्किल है। आनंदीबेन लगातार हमारे साथ हैं, प्रचार भी कर रही हैं और हर मौके पर उनका साथ हमें मिल रहा है। अमित भाई दिन रात जितना काम करते हैं, उनके पास हर कार्यकर्ता को खुश करने, उनसे मिलने का वक्त नहीं मिल पाता, लेकिन कोई उनसे नाराज नहीं है। हमारा पूरा संगठन और सारे नेता पूरे जी जान से 150 सीटों का लक्ष्य पूरा करने में जुटे हुए हैं।
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सवाल – भाजपा का दावा तो इस बार 150 सीटें जीतने का है, लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और दिखती है। आप ये दावा किस आधार पर कर रहे हैं?
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जवाब – ये सिर्फ हमारा दावा नहीं है, बल्कि यह हकीकत है। हम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं और गुजरात की जनता जानती है कि भाजपा के अलावा किसी भी पार्टी में इतनी ताकत नहीं है जो सरकार बनाने के बारे में सोच भी सके। सभी इलाके और सभी वर्ग के लोग हमारे साथ हैं। जो लोग एंटी इनकमबेंसी की बात करते हैं और सरकार के बारे में आधारहीन प्रचार करते हैं, जनता उन्हें समझ चुकी है। भाजपा नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और अमित भाई की मेहनत की बदौलत इस बार 150 से भी ज्यादा सीटें हासिल करने वाली है।
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सवाल – किसान और व्यापारियों में जिस तरह भाजपा को लेकर गुस्सा दिख रहा है, क्या उसका असर चुनाव में पड़ेगा?
जवाब – जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसलों से व्यापारी वर्ग की चिंता खत्म हो गई है और वो हमारे साथ हैं। किसानों के लिए हमारी सरकार ने जितना कुछ किया है और जिस तरह गुजरात में केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं को लागू किया गया है, उससे अब किसी में कोई नाराजगी नहीं है। ऐसा भ्रम फैलाया जा रहा है लेकिन असलियत कुछ और है।
सवाल – पाटीदारों की नाराजगी का असर कितना होगा... क्या कांग्रेस को फायदा नहीं होगा?
जवाब – कांग्रेस को उसी का दांव उल्टा पड़ने वाला है। वो जिस तरह हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश की पिछलग्गू बन गई, उससे उसने अपने आप को और कमजोर कर लिया है। इन नेताओं का असली चेहरा और चरित्र सामने आ गया है। और जिस तरह टिकट के लिए ये लड़ रहे हैं, उससे साफ है कि अनामत की बात केवल एक दिखावा है। कांग्रेस ने उन लड़कों के सामने सरेंडर कर दिया है और वो पहले से भी कमजोर हो गई है।
सवाल – राहुल गांधी ने हाल के दिनों में बहुत मेहनत की है। आप कैसे देखते हैं?
जवाब – राहुल पिछले कुछ समय से गुजरात में रहे हैं, लेकिन जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। वो लोगों के सामने गलत तथ्य रखते हैं। जनता ये समझ चुकी है और हम समय-समय पर उनके आरोपों और गलत तथ्यों का जवाब भी देते हैं। दूसरे उन्होंने यहां इन तीन लड़कों के साथ मिलकर अपनी हालत और खराब कर ली है।
सवाल – शंकर सिंह वाघेला ने भी अपनी अलग पार्टी बनाई है और उनका दावा है कि उनके लोग गुजरात को एक विकल्प देने का रास्ता खोल देंगे?
जवाब – अब ये तो नतीजे बताएंगे, लेकिन वाघेला जी कांग्रेस का ही नुकसान कर रहे हैं। हमें तो हर तरफ से कांग्रेस की ही हालत खस्ता होती हुई दिख रही है और जाहिर है इन तमाम कारणों से हमारी सीटें और ज्यादा बढ़ेंगी।
सवाल – आपके खिलाफ भी कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। राजकोट में आपके खिलाफ कांग्रेस ने जिस उम्मीदवार को उतारा है, क्या आप उसे चुनौती के तौर पर देखते हैं?
जवाब – जनता ये समझ चुकी है कि अब मसल और मनी पावर के बल पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। वो भले ही खूब पैसा बहाए, प्रचार में पूरी ताकत लगा दे, लेकिन राजकोट की जनता जानती है कि वहां के लिए किसने क्या किया है। वैसे भी 1985 से वहां भाजपा ही रही है और लोग कांग्रेस के बारे में सोचते तक नहीं। मेरे खिलाफ किसी भी आरोप में कोई दम नहीं है और चुनाव के वक्त बेबुनियाद आरोप लगते रहते हैं।
सवाल – क्या केशुभाई और आनंदीबेन प्रचार में उसी उत्साह के साथ पार्टी के साथ हैं... अमित शाह की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर कार्यकर्ताओं में जो नाराजगी दिखती है, क्या उसका नुकसान होगा?
जवाब – मैंने नामांकन भरने से पहले केशुभाई का आशीर्वाद लिया। अब उनकी उम्र हो गई है और स्वास्थ्य सही नहीं रहता इसलिए चुनाव प्रचार में उनका सक्रिय होना मुश्किल है। आनंदीबेन लगातार हमारे साथ हैं, प्रचार भी कर रही हैं और हर मौके पर उनका साथ हमें मिल रहा है। अमित भाई दिन रात जितना काम करते हैं, उनके पास हर कार्यकर्ता को खुश करने, उनसे मिलने का वक्त नहीं मिल पाता, लेकिन कोई उनसे नाराज नहीं है। हमारा पूरा संगठन और सारे नेता पूरे जी जान से 150 सीटों का लक्ष्य पूरा करने में जुटे हुए हैं।