चीन-वियतनाम के रिश्तों में घुसपैठ के कारण तनाव, भारत से है यह उम्मीद
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चीन और वियतनाम के रिश्तों में इस समय दक्षिण चीन सागर में होने वाली घुसपैठ के कारण तनाव बना हुआ है। इसकी वजह है जुलाई से अब तक चीनी जहाज वियतनाम के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (ईईजेड) जलक्षेत्र में चार बार घुसपैठ कर चुके हैं। इस महीने भारत के साथ होने वाली बातचीत में वियतनाम इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। यह जानकारी वियतनाम के राजदूत फाम सन्ह चाऊ ने दी। चीन ने हालिया घुसपैठ 30 सितंबर को की है।
चाऊ ने दक्षिण चीन सागर की परिस्थिति को लेकर कहा, 'परिस्थिति बहुत गंभीर है क्योंकि चीनी जहाज अभी भी वियतनाम के जल क्षेत्र में मौजूद हैं। हम लगातार चीन को बोल रहे हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करते हुए अपने जहाज को वियतनाम के जलक्षेत्र से हटा ले।'
उन्होंने आगे कहा, 'भारत ने दक्षिणी चीन सागर की परिस्थिति पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। भारत की क्षेत्र में शांति और स्थिरता में रुचि है और भारतीय कंपनिया इस समय क्षेत्र में काम कर रही हैं।'
वियतनाम के राजदूत से जब पूछा गया कि क्या वह भारत के साथ आगामी वार्षिक सुरक्षा वार्ता में दक्षिण चीन समुद्री मुद्दे पर बातचीत करेंगे तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सुरक्षा संवाद का नया तंत्र दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा और इसमें वियतनाम और भारत की सुरक्षा को लेकर सवाल भा शामिल होंगे।'
Ambassador of Vietnam to India on if Vietnam expects India to raise South China sea issue during Chinese President's upcoming visit to India: We call all countries inside & outside region to contribute to peace & security. We welcome contribution made by any country. pic.twitter.com/EXjZyvbpHb
— ANI (@ANI) October 3, 2019
चाऊ से जब पूछा गया कि क्या वियतनाम को लगता है कि दक्षिण चीन सागर के मुद्दे को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान उठाया जाएगा तो उन्होंने कहा, 'हम सभी देशों का अंदर और बाहर के क्षेत्र में शांति और सुरक्षा में योगदान करने के लिए आह्वान करते हैं। हम किसी भी देश द्वारा किए गए योगदान का स्वागत करते हैं।'