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राजनीति में मचे घमासान के बीच उपराष्ट्रपति का महत्वपूर्ण बयान, देश को ईमानदार नेतृत्व की जरुरत
Wed, 06 Feb 2019 08:26 PM IST
टीम डिजिटल
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: टीम डिजिटल
Updated Wed, 06 Feb 2019 08:26 PM IST
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वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति
- फोटो : pti
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उपराष्ट्रपति एम वैंकैया नायडू ने कहा कि देश को एक ईमानदार नेतृ्त्व की जरुरत है। ऐसा नेतृत्व जो देश की स्थितियों की जमीनी हकीकत को समझता हो और पूरे राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास रखता हो। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत को समझना, आम जनता के साथ बातचीत करना और युवाओं की बदलती हुई आकांक्षाओं का पता लगाना सार्वजनिक जीवन में आकांक्षा रखने वाले लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
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वे बुधवार को थाणे आधारित रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी (आरएमपी) नामक संस्था द्वारा स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप के छात्रों के साथ बातचीत कर रहे थे। यह संस्था युवाओं को भविष्य के नेता बनने के गुण सिखाती है।
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छात्रों को संबोधित करते हुए एम वेंकैया नायडू ने कहा कि यह देश 130 करोड़ लोगों का है। इसलिए यहां वही नेतृत्व सफल हो सकता है जो पूरे देशवासियों को एक साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो। जो सभी के विचारों का आदर करने की सहिष्णुता रखता हो और मतवैभिन्य के बावजूद सबका सम्मान करना जानता हो।
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उन्होंने कहा कि इस देश को मजबूत बनाने में इसकी छोटी-बड़ी संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान है। धीरे-धीरे इन संस्थाओं ने देश में लोकतंत्र की नींव को गहरा बनाने का काम किया है। इसलिए इनका सम्मान करने और इनके अधिकार को बनाए रखने की जरुरत है।
भविष्य का काम चुनौती भरा
नायडू ने कहा कि आने वाले दौर में राजनीति में भी तगड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरुक हो रहे हैं। वे अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछ रहे हैं और सही जवाब न पाने पर उन्हें दंडित भी कर रहे हैं। ऐसे में जैसे-जैसे देश में शिक्षा का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा, लोगों की जनप्रतिनिधियों से अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। इस तरह आने वाले समय में नेताओं का काम ज्यादा चुनौती से भरा होने वाला है।